भिवानी में राजकीय आयुर्वेद अस्पताल एवं पंचकर्म केंद्र।
भिवानी। जिले के राजकीय आयुर्वेद अस्पताल एवं पंचकर्म केंद्र में नई मर्म थैरेपी की शुरुआत हुई है। इस थेरेपी से मरीजों को बहुत सी बीमारियों से राहत मिलेगी। केंद्र में इसकी ओपीडी हर शुक्रवार को सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक लगेगी। इस थेरेपी में आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति का इस्तेमाल किया जाता है। हमारे शरीर में अनेक ऐसे प्वाइंटस होते है जो नाजुक होते हैं। जिनके रुक जाने से शरीर में बीमारियां होनी शुरू हो जाती है। ये थेरेपी उन्हीं प्वाइंट्स (नाड़ियों) को खोलने का काम करती है।
मर्म थेरेपी के विशेषज्ञ चिकित्सक ने बताया कि ये थेरेपी एक आयुर्वेदिक चिकित्सा है जो सदियों से चली आ रही है। इसमें आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति का इस्तेमाल किया जाता है। इस थेरेपी में अनेक बीमारियों का इलाज होता है। इस थेरेपी में बीमारी के हिसाब से उसके प्वाइंटस (नाड़ियों) पर हल्की दाब दी जाती है। इस थेरेपी में बड़ी सावधानीपूर्वक से शरीर के प्वाइंटस पर दबाव डाला जाता है। चिकित्सक ने बताया की यहां ओपीडी शुरू करने के बाद मरीजों की संख्या में बढ़ावा हुआ है। इस थेरेपी में खास बात यह है कि मरीज की थेरेपी करने के बाद मरीज को तभी इसका असर दिखने लग जाता है।
इन बीमारियाें की होती है चिकित्सा
- मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
- कंधे में दर्द
- सर्वाइकल
- नजला
- कमर दर्द
-हाथ- पैरों में दर्द
- पाचन तंत्र
- मस्तिष्क संबंधी बीमारी
- माइग्रेन
थेरेपी के द्वारा मरीज को बहुत जल्दी ठीक किया जा सकता है। इस थेरेपी में मरीज को तुरंत इसका असर दिखने लगता है। इसमें शरीर के नाजुक नाड़ियों को धीरे-धीरे दबाया जाता है। इसमें मरीज को ज्यादा दवाइयां नहीं दी जाती है। यह थेरेपी प्राचीन समय से है। जिसका प्रयोग आज भी आयुर्वेदिक विधि से किया जाता है।
-डॉ. संजय कुमार, मर्म थेरेपी, विशेषज्ञ आयुर्वेदिक अधिकारी
केंद्र में मर्म थेरेपी के लिए कुंगड से एक आयुर्वेदिक चिकित्सक की ड्यूटी लगाई हुई। जो हर शुक्रवार को केंद्र पर सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक मरीजों की थेरेपी करेंगे। थेरेपी शुरू होने से मरीजाें की संख्या में इजाफा हुआ है। इस थेरेपी के परिणाम बहुत ही सकारात्मक है। इसके साथ ही केंद्र की ओपीडी का समय अब सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक हो गया है।
-डॉ. रश्मि शर्मा, आयुर्वेदिक जिला अधिकारी