भिवानी। अब तीन दशक बाद फैंसी चौक से ढाणा रोड तक खुले बरसाती नाले से मुक्ति मिलेगी। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग शहरी दायरे के अंदर से गुजर रहे करीब चार किलोमीटर लंबे खुले बरसाती नाले को सीवर लाइन की तर्ज पर तैयार कराएगा।
सीवर लाइन की तरह बंद बरसाती नाले पर हर 20 फुट की दूरी पर मैनहोल होगा, ताकि उसकी आसानी से सफाई कराई जा सके। नेशनल हाईवे पर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग का बरसाती नाला कहीं नीचा तो कहीं ऊंचा पड़ गया है। इसकी वजह से शहर के अंदर बारिश के पानी की निकासी में भी दुविधा बनेगी। ऐसे में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने सीवर लाइन की तर्ज पर बरसाती नाला तैयार कराने का खाका तैयार किया है। इससे 75 हजार शहरी आबादी को फायदा मिलेगा।
भिवानी शहर में करीब 38 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन और बरसाती नालों का जाल बिछा हुआ है। इसमें अधिकांश नाले तो नगर परिषद और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के हैं। जबकि कुछ नालों का रखरखाव पीडब्ल्यूडी विभाग और हाईवे अथॉरिटी भी करा रहा है। शहरी दायरे के अंदर अधिकांश बरसाती नाले खुले पड़े हैं। शहर के फैंसी चौक से लेकर अग्रसेन चौक होते हुए बावड़ीगेट, दादरी गेट से ढाणा रोड तक करीब चार किलोमीटर लंबा बरसाती नाला बना हुआ है। ये बरसाती नाला करीब डेढ़ किलोमीटर दायरे में हाईवे की सड़क के निर्माण होने के बाद काफी नीचा पड़ गया है। जबकि ये पूरी तरह से खुला है। हाल ही में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने इस खुले नाले के ऊपर कंक्रीट के स्लैब डलवाए थे, मगर इसके बावजूद भी इनके अंदर बाहर की गंदगी पहुंच रही है।
बारिश से पहले ही ये नाले गंदगी से ठसाठस भर जाते हैं। इनकी सफाई के दौरान भी घनी आबादी में काफी दिक्कतें आती हैं, क्योंकि गंदगी को खुले में डालने से प्रदूषण और आसपास की आबादी को भी काफी परेशानी होती है। अब जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग इस खुले नाले से लोगों को जल्द निजात दिला देगा। इसके लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने खाका तैयार किया है।
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हाईवे के साथ बरसाती नाले में जगह-जगह बनाए जाएंगे पानी निकासी के चैनल
शहर के सरकुलर रोड पर दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे का करीब चार किलोमीटर का दायरा आबादी भरे इलाके से होकर गुजरता है। इस हाईवे की एक तरफ जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग का बरसाती नाला बना है। अग्रसेन चौक से बावडीगेट होते हुए दादरी गेट तक बरसाती नाला करीब तीन दशक पुराना हो गया है। ये हाईवे निर्माण के बाद अब नीचा भी पड़ गया है और कई जगह से क्षतिग्रस्त हो चुका है। दादरी गेट, हनुमान गेट से हालुवास गेट तक बरसाती नाला हाईवे से ऊंचा है। इस ऊंचे-नीचे हाईवे पर जगह-जगह बारिश के पानी की निकासी के लिए चैनल बनाए जाएंगे।
ईंटों से बना है पुराना बरसाती नाला, अब लोहे और कंक्रीट से होगा तैयार
शहर के अंदर करीब तीन दशक पुराना बरसाती नाला ईंटों से बना है। मगर अब इसके नए डिजाइन में लोहे और कंक्रीट से तैयार किया जाएगा। जो एक तरह से सीवर लाइन की तरह ही दिखाई देगा और इसमें जरूरत के हिसाब से मैनहोल भी सफाई के लिए छोड़े जाएंगे। इसकी गहराई भी पुराने बरसाती नालों से कहीं ज्यादा होगी।
शहर के अंदर हाईवे का निर्माण काम चल रहा है। इसकी वजह से करीब तीन दशक पुराने बरसाती नाले कई जगह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। विभाग करीब चार किलोमीटर लंबाई तक बरसाती नाले को फिर से तैयार कराएगा। इस नालों में जगह-जगह पानी निकासी के लिए चैनल भी बनेंगे। इसके लिए अधिकारी इसका एस्टीमेट तैयार कर रहे हैं, जिसे जल्द मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
-सुनील कुमार, कार्यकारी अभियंता, शहरी सीवरेज शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग भिवानी।