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Bhiwani News: अब शहरी दायरे के अपग्रेड होंगे 34 बूस्टर, 50 साल बाद पंपिंग स्टेशनों की बढ़ेगी क्षमता, 200 करोड़ का खाका तैयार

Thu, 23 Jan 2025 10:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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शहर में ​स्थित जल घर का टैंक। 
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भिवानी। अब शहरी दायरे के 34 बूस्टर अपग्रेड होंगे। वहीं जलघर के पंपिंग स्टेशनों की क्षमता भी 50 साल बाद बढ़ाई जाएगी। इसके लिए करीब 200 करोड़ा का खाका जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने तैयार किया है।
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इस परियोजना पर सोमवार को जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अधिकारी मुख्यालय के उच्चाधिकारियों से भी चर्चा कर इसे अंतिम रूप देंगे। पुराना जलघर में चार पुराने टैंकों को तोड़कर दो नए आरसीसी के टैंक तैयार किए जाएंगे। जबकि नहरी पानी की आपूर्ति का सिस्टम भी अपग्रेड होगा।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के इस कदम से शहरी दायरे की करीब पौने दो लाख आबादी को फायदा मिलेगा। फिलहाल 36 करोड़ खर्च कर पुराना जलघर में दो नए टैंक बनने के बावजूद भी पुराने शहर को लगातार 20 दिन पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इसी के चलते शहरी दायरे की पेयजल आपूर्ति में ढांचागत सुविधाओं को ही अपग्रेड किया जाएगा।
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भिवानी में महम रोड स्थित पुराना जलघर की स्थापना 70 के दशक में हुई थी। उस समय यहां पंपिंग स्टेशन भी बनाए गए थे, जिसके अंदर लगी मोटरें अब काफी पुरानी हो चुकी हैं। करीब दो साल पहले पुराना जलघर में ही चार पुराने टैंक तोड़कर उनकी जगह आरसीसी पैटर्न पर दो नए टैंकों का निर्माण किया था, लेकिन पुराना सिस्टम होने की वजह से ये नए टैंक आज तक पानी से लबालब नहीं हो पाए हैं।
यही वजह है कि शहर को केवल 20 दिन ही जलघर से पानी की आपूर्ति हो पाती है। अगर नहर में पानी आने में देरी हुई तो फिर शहरवासी राशनिंग का सामना भी करते हैं। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने अब अमृत द्वितीय चरण के कार्यों में पुराने जलघर के अलावा शहरी दायरे के 34 बूस्टरों और करीब सौ किलोमीटर दायरे की पेयजल लाइनों को अपग्रेड करने की योजना में शामिल कर इसका खाका तैयार किया है। इस पर सोमवार को मुख्यालय में चर्चा कर इसे अमलीजामा पहनाया जाना है।
नहरों पर बने पंपों की भी बढ़ेगी क्षमता
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के मुख्य नहरों पर पंप हाउस बने हैं। इनके अंदर भी करीब चार दशक पुरानी मशीनरी है। अब जूई नहर, मित्ताथल फीडर पर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के पंप हाउस पर 300 एचपी की मोटरें लगाई जाएंगी। इसके बाद शहर के पुराने जलघर पर नौ इंची की अलग से पाइप लाइन भी डाली जाएगी। इसके जरिये सीधे टैंकों को भरा जाएगा। फिलहाल पंपिंग के पुराने सिस्टम की वजह से नए बने आरसीसी टैंक हर बार केवल चार फीट पानी से ही भरे जा रहे हैं, जबकि इन्हें पूरा भरने के लिए पंपिंग स्टेशनों को अपग्रेड किया जाएगा। पुराना जलघर में अब चार पुराने टैंक बने हैं। इन्हें तोड़कर अब उनकी जगह आरसीसी के दो नए टैंक बनने हैं, जबकि दो आरसीसी टैंक पहले ही तैयार हो चुके हैं। नए आरसीसी टैंक तैयार होने पर पूरे शहर को 40 दिनों तक पानी की आपूर्ति संभव हो पाएगी। जबकि नहरों में 32 दिन बाद पानी आ रहा है।
बूस्टर की लाइन लीकेज से भी मिलेगी निजात
शहरी दायरे के अधिकांश बूस्टर भी पुराने हो चुके हैं। इनकी मुख्य लाइनें भी करीब 45 साल से अधिक पुरानी हो चुकी है। सर्दी के मौसम में प्रेशर की वजह से ये लाइनें फट रही है, जिससे पानी की लीकेज भी होती है। कनिष्ठ अभियंता ताजदीन ने बताया कि बूस्टरों को अपग्रेड किए जाने के दौरान जर्जरहाल मुख्य लाइनों को भी बदला जाएगा। जबकि बूस्टर की पंपिंग मशीनरी को भी अपग्रेड कर दिया जाएगा। इससे उस क्षेत्र के टेल के घरों तक भी पानी की आपूर्ति संभव होगी। अब अधिकांश इलाकों में लीकेज की वजह से गंदा पानी की आपूर्ति व काफी घरों तक पानी नहीं आने की शिकायतें भी जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को मिल रही हैं।
भिवानी शहर के पुराने जलघर सहित शहर के सभी बूस्टरों को अपग्रेड किए जाने का खाका तैयार किया जा चुका है। सोमवार को स्थानीय अधिकारी मुख्यालय में जाकर उच्चाधिकारियों से इस संबंध में विस्तृत चर्चा कर इसे अंतिम रूप देकर इस पर जल्द कार्य शुरू कराने का प्रयास करेंगे। अमृत द्वितीय चरण में शहरी दायरे की पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में ये कदम उठाए जा रहे हैं। इसके बाद शहरी दायरे में लीकेज, गंदे पानी की समस्या के साथ पर्याप्त आपूर्ति नहीं मिलने की काफी हद तक दिक्कत खत्म हो जाएगी।
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-ताजदीन, कनिष्ठ अभियंता, शहरी पेयजल शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, भिवानी।
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