भिवानी। हरियाणा सरकार अब ग्रामीण महिलाओं को एक सांझा मंच देने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। राज्य सरकार महिला सांस्कृतिक केंद्रों का निर्माण करवा रही है, जहां महिलाएं एक ही छत के नीचे भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक गतिविधियों के जरिये अपने सुर और ताल को जोड़ सकेंगी।
पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर अंबाला, भिवानी और महेंद्रगढ़ जिलों के महिला सांस्कृतिक केंद्रों का चयन किया गया है। इन केंद्रों को भजन-कीर्तन के लिए ढोलक, मंजीरा, हारमोनियम, डमरू, बांसुरी समेत 19 प्रकार के वाद्य यंत्र और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। भिवानी जिले में पहले चरण में 18 गांवों में महिला सांस्कृतिक केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए ग्राम पंचायतों ने पुराने भवन उपलब्ध कराए हैं, जिन्हें तीन से पांच लाख रुपये के बजट से सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। संबंधित पंचायतों के खातों में बजट की राशि भी पहुंच चुकी है। यह पहल न केवल ग्रामीण महिलाओं को सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने का कार्य करेगी, बल्कि सामाजिक समरसता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी अहम कदम साबित होगी।
महिला सांस्कृतिक केंद्रों में महिलाओं के लिए 19 तरह के सामान सरकार ने अपने बजट से मुहैया कराने का निर्णय लिया है। यहां पर महिलाओं के बैठने के लिए व्यवस्था होगी। वहीं सांस्कृतिक केंद्र की दीवारों पर सुंदर पेंटिंग कराई जाएगी। महिला केंद्रों का रखरखाव ग्राम पंचायतों द्वारा किया जाएगा। पंचायती राज विभाग की निगरानी में ग्राम पंचायतें सांस्कृतिक केंद्रों के निर्माण का काम कराएंगी। इसके लिए हरियाणा सरकार ने सीधे ग्राम पंचायतों के खाता में ही इसका बजट डाल दिया है।
इन गांवों में बनेंगे महिला सांस्कृतिक केंद्र
बवानीखेड़ा खंड : गांव लोहारी जाटू, औरंगनगर, बलियाली, रतेरा, रोहनात व सिवाड़ा।
भिवानी खंड : गांव बडेसरा, बापोड़ा, धारेडू, दिनोद, मंढाना।
कैरू खंड : गांव देवराला व लोहानी।
लोहारू खंड : गांव खरकड़ी व सोहनसरा।
तोशाम खंड : गांव दांग कलां, मिरान, निगाना खुर्द।
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इन गांवों में बन चुके महिला सांस्कृतिक केंद्र
भिवानी खंड के गांव हालुवास, कलिंगा राजू पाना, नवा, निनान, रूपगढ़, कैरू खंड के गांव बाबरवास, मालवास देवसर, मालवास कोहाड़ व टिटानी में महिला सांस्कृतिक केंद्र बन चुके हैं। अभी हाल ही में महिला सांस्कृतिक केंद्र नवा में बनकर तैयार हो चुका है।
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केंद्रों पर यह सामान होगा
महिला सांस्कृतिक केंद्रों में सरकार की तरफ से 19 तरह का सामान मुहैया कराया जाएगा। इनमें दो ढोलकी, एक इकतारा, एक चिमटा, एक खड़ताल, एक हैंडताल, एक ढपली, एक डमरू, एक हेंड सेकर स्टील का, एक हारमोनियम, एक घूंघरू सेट, दस मंजीरा सेट, एक बांसूरी, एक हवन कुंड, 20 पीढे, 15 कुर्सी, दस कारपेट दरी, एक साउंड सिस्टम माइक सहित, एक स्टील अलमारी, एक वाटर कूलर।
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जिले की 18 ग्राम पंचायतों की तरफ से मुहैया कराई गई जगहों पर महिला सांस्कृतिक केंद्रों का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए ग्राम पंचायतों के खाता में पैसा डाला जा चुका है। सांस्कृतिक केंद्रों में महिलाओं के लिए 19 तरह के सामान की रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जा चुकी है। आगामी दस दिनों के अंदर महिलाओं के लिए सांस्कृतिक केंद्रों में सामान मुहैया करा दिया जाएगा। प्रदेश के अंबाला, भिवानी और महेंद्रगढ़ जिलों में पायलेट प्राेजेक्ट के तौर पर सांस्कृतिक केंद्रों में महिलाओं के लिए सामान मुहैया कराया जाना है, इसके बाद प्रदेश के अन्य जिलों में सामान मिलना शुरू होगा। - संभव जैन कार्यकारी अभियंता पंचायती राज तकनीकी विंग भिवानी