बवानीखेड़ा । नगर पालिका प्रशासन ने अपनी भूमि पर बिना अनुमति बने धार्मिक स्थलों को हटाने के लिए नोटिस जारी किए हैं। नगर पालिका सचिव ने इस संबंध में शहरी निकाय निदेशक पंचकूला को भी सूचना भेज दी है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि पालिका भूमि पर किए गए कब्जे को सात दिन के भीतर हटा लिया जाए अन्यथा नगर पालिका स्वयं कार्रवाई करेगी और खर्च की जिम्मेदारी अतिक्रमण करने वाले की होगी। साथ ही संबंधित धार्मिक स्थलों के जिम्मेदार लोग अगर भूमि से जुड़े कोई वैध दस्तावेज रखते हैं तो उन्हें नगर पालिका में जमा करवा सकते हैं ताकि नोटिस पर पुनर्विचार किया जा सके।
23 धार्मिक स्थलों की पहचान, 21 को नोटिस
नगर पालिका ने 23 धार्मिक स्थलों की सूची तैयार की है जिनमें से 21 को नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें सोमवार पुरी कुटिया, बाबा रामरूप स्मृति धाम, वाल्मीकि मंदिर, 12 मंदिर, दो मस्जिद, एक गुरुद्वारा, दो बड़े गुरुद्वारे बंदा बहादुर, जरनानाथ मंदिर शामिल हैं। दो धार्मिक स्थलों को पेंडिंग रखा गया है। खास बात यह है कि जारी नोटिसों पर सचिव के बजाय जेई के हस्ताक्षर हैं।
लोगों में नाराजगी, भावनाएं आहत
वर्षों पुराने धार्मिक स्थलों को नोटिस मिलने से कस्बे में चर्चा तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि उनकी तीन-तीन पीढ़ियां इन धार्मिक स्थलों पर पूजा-अर्चना करती आ रही हैं और उनकी आस्था जुड़ी हुई है। ऐसे में प्रशासन का यह कदम गलत है और धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। कई लोग इसे लेकर बड़ा आंदोलन करने की बात कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई
नगर पालिका सचिव संदीप गर्ग ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 2006 में दिशा-निर्देश जारी किए थे कि पालिका भूमि पर बने धार्मिक स्थलों को हटाया जाए। इसके बाद 2018 में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने भी आदेश दिए कि सार्वजनिक भूमि को कब्जामुक्त कराने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। इसी कड़ी में नगर पालिका ने 12 अगस्त को नोटिस जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि 2021 में कस्बे के विभिन्न धार्मिक स्थलों का सर्वे कर उनकी पहचान की गई थी। कुल 23 स्थलों में से अब तक 21 को नोटिस भेज दिए गए हैं और शेष दो को भी जल्द भेजे जाएंगे। विभाग को इसकी पूरी जानकारी भेज दी गई है।