भिवानी। न शिक्षा विभाग से मान्यता, न ही किसी विभाग की कोई एनओसी, फिर भी धड़ल्ले से श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल में नर्सरी से लेकर बारहवीं कक्षा तक बच्चों के दाखिले चल रहे हैं। हैरानी इस बात की है कि आरटीआई में खुद खंड शिक्षा अधिकारी ने माना है कि इस स्कूल की विभाग से कोई मान्यता नहीं हैं। इस स्कूल के खिलाफ कार्रवाई के लिए भी खंड शिक्षा अधिकारी ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी।
अमर उजाला ने स्कूल की मान्यता को लेकर सिलसिलेवार खबरें प्रकाशित की, जिसके बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया, मगर अब कुछ अधिकारी आरटीआई में सच्चाई उजागर होने के बावजूद स्कूल और खुद की खाल बचाने की जुगत में लगे हैं। वहीं, शिकायतकर्ता स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल सिंह परमार ने अब स्कूल द्वारा अभिभावकों के साथ धोखाधड़ी किए जाने की शिकायत भी पुलिस अधीक्षक को दी है। उन्होंने बताया कि मैंने संगठन की तरफ से खंड शिक्षा अधिकारी से आरटीआई के तहत तत्काल में सूचना मांगी थी। इसमें श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल की मान्यता से जुड़े दस्तावेज मांगे थे। बीईओ के आरटीआई के जवाब में यह स्पष्ट हो गया है कि इस स्कूल की यहां कोई मान्यता नहीं है, न ही किसी भी संबंधित विभाग से स्कूल संचालन की कोई एनओसी।
भिवानी के तोशाम बाईपास स्थित श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल नर्सरी से बारहवीं तक संचालित किया जा रहा है। नौ अप्रैल को स्कूल में बच्चों के अभिभावकों से स्कूल ड्रेस और किताबों के नाम पर हजारों रुपये लिए जाने को लेकर हंगामा हो गया था। इसके बाद वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई। इसके बाद विद्यालय सुर्खियों में आया तो इसकी मान्यता को लेकर भी सवाल उठा। इसकी जांच भी शिक्षा अधिकारियों ने आरंभ की। स्कूल प्रबंधन को शिक्षा अधिकारियों ने दो बार नोटिस देकर मान्यता से जुड़े दस्तावेज तलब किए, मगर, दोनों ही बार में स्कूल यहां मान्यता के न तो दस्तावेज पेश कर पाया न ही मान्यता संबंधी कोई प्रमाण विभाग के पास मिला। इसके बाद, 17 अप्रैल को भिवानी खंड शिक्षा अधिकारी डॉ अनिल गौड़ ने बिना मान्यता के ही स्कूल में बच्चों के दाखिला किए जाने के संबंध में विद्यालय पर कार्रवाई के लिए अपनी अनुशंसा उच्चाधिकारियों को भेज दी है।
अन्य बड़े शहरों में भी खुली हैं श्री चैतन्य टेक्नो की ब्रांच
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के यह भी संज्ञान में आया है कि श्री चैतन्य टेक्नो की भिवानी के अलावा रोहतक, हिसार, महम, जींद, गुरुग्राम सहित प्रदेश के करीब सभी बड़े शहरों में ब्रांच खोली जा रही हैं, जिनकी मान्यता को लेकर भी अब संशय बना है।
मैंने श्री चैतन्य टेक्नो विद्यालय प्रबंधन को दो बार नोटिस देकर अपने मान्यता संबंधी दस्तावेज कार्यालय में जमा कराने के निर्देश दिए थे। हालांकि स्कूल मान्यता से जुड़ा कोई दस्तावेज नहीं दे पाया, जिसके बाद मैंने इस विद्यालय के खिलाफ कार्रवाई के लिए अपनी रिपोर्ट डीईओ और डीईईओ को भेजी है। अब इसके खिलाफ उच्चाधिकारी ही आगामी कार्रवाई के लिए कदम उठाएंगे।
-डॉ अनिल गौड़, खंड शिक्षा अधिकारी भिवानी।