फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bhiwani News: मानसून से पहले नहीं की कोई तैयारी, बारिश में डूबेगा फिर शहर

Sun, 19 May 2024 04:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
विज्ञापन
विज्ञापन
भिवानी। मानसून की दस्तक होने में अभी सवा माह ही बचा है, लेकिन अभी तक सरकारी विभागों ने बरसाती नालों की कोई सुध नहीं ली है। सरकारी विभागों के अधिकारी चुनावी ड्यूटी में मशगूल हैं, वहीं शहर के खुले पड़े बरसाती नाले भी गंदगी से ठसाठस अटे पड़े हैं, जिनकी सफाई तो दूर कई सालों से उन्हें संभाला ही नहीं गया है। अगर समय पर सफाई नहीं हुई तो बारिश में फिर शहर डूबने की आशंका है।
विज्ञापन

हालांकि जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग डिस्पोजल तक जाने वाले सीवर मैनहोल की सफाई कुछ अर्से पहले ही करा चुका है, जिनकी हालत भी अब पहले जैसी ही हो गई है। शहर में नगर परिषद की हद में करीब नौ किलोमीटर दायरे के बरसाती नाले आते हैं, जबकि जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की हद में केवल आठ किलोमीटर में ही बरसाती नाले हैं। इसी के साथ हाईवे अथॉरिटी के पास भी शहर में करीब पांच से छह किलोमीटर दायरे में बरसाती नाले हाईवे के दोनों तरफ आते हैं। मौसम विभाग की मानें तो जून में ही मानसून मुंबई में सक्रिय हो जाता है, जबकि जुलाई तक भिवानी व दक्षिण हरियाणा में इसके सक्रिय होने की संभावनाएं सबसे अधिक रहती हैं। ऐसे में बरसाती नालों की सफाई एक माह पहले कराना बहुत जरूरी है।


ये हैं नगर परिषद की हद के नाले

शहर के दिनोद गेट, सराय चौपटा, किरोड़ीमल मंदिर क्षेत्र, नया बाजार, लोहड़ बाजार, जैन चौक, माल गोदाम रोड, कृष्णा कॉलोनी, वैश्य सीनियर सेकेंडरी स्कूल से खाकी बाबा मंदिर, घोसियान चौक क्षेत्र के अलावा शहर के आसपास के इलाके में नगर परिषद के दायरे में आने वाले बरसाती नाले हैं। ये नाले गंदगी से ठसाठस अटे पड़े हैं।
विज्ञापन



अवैध कब्जों के शिकार हो चुके हैं नाले

शहर में कुछ हिस्से ऐसे भी हैं, जहां पर बरसाती नालों पर लोगों ने अवैध रूप से घरों व प्रतिष्ठानों के आगे रैंप बना रखे हैं। जिससे इन जगहों पर नालों का नामोनिशान ही मिट चुका है।


ये हैं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के नालों की हालत

शहर में फेंसी चौक से लेकर बावड़ीगेट, दादरी गेट, ढाणा रोड दायरे में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के बरसाती नाले आते हैं। इन नालों की फिलहाल जेसीबी से कुछ छंटाई कराई जा रही हैं, मगर मानसून आने तक फिर से ये गंदगी से लबालब होंगे, क्योंकि खुले नालों में सड़क की गंदगी और प्लास्टिक कचरा आसानी से पहुंच जाता है, जिसकी वजह से बारिश के दिनों में प्लास्टिक कचरा पानी को आगे डिस्पोजल तक नहीं जाने देता और जल भराव की वजह बन जाता है।


ये हैं शहर में डिस्पोजल की स्थिति

भिवानी में बरसाती पानी की निकासी के लिए अमृत प्रथम चरण में बरसाती डिस्पोजल तैयार किया गया है। पुराना जलघर टैंकों के पास ही बरसाती डिस्पोजल बना है। जिसके जरिए आधे शहर का ही बरसाती पानी भिवानी-घघर ड्रेन में डाला जा रहा है। वहीं देवसर चुंगी पर पुराना डिस्पोजल हैं, जहां अधिकांश पुराने शहर का सीवर और बरसाती दोनों ही तरह का पानी डिस्पोजल से ड्रेन तक पहुंचता है। अग्रसेन चौक के समीप विकास नगर में भी डिस्पोजल बना है। इसमें दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे के हिस्से का भी बरसाती पानी यहां तक आता है। वहीं औद्योगिक सेक्टर 21 और 26 के लिए भी रोहतक रोड पालुवास मोड पर अलग से नया डिस्पोजल चालू कर दिया है। दादरी रोड पर भी एसडीपी प्लांट है वहीं सेक्टर 13 में भी एक एसटीपी प्लांट है।


भिवानी नगर परिषद के बरसाती नालों की सफाई का काम चुनावी आचार संहिता के बाद ही संभव हो पाएगा। नगर परिषद के शहर में करीब नौ किलोमीटर दायरे में बरसाती नाले आते हैं, जिनकी सफाई नगर परिषद कर्मचारियों और कुछ हिस्से में टेंडर कराकर कराई जाएगी। नगर परिषद शहर के अंदर खुले बरसाती नालों की जगह भूमिगत पाइप डालने की भी योजना बना रहा है। जिस पर भी अभी मंथन चल रहा है।

-भवानी प्रताप सिंह, चेयरपर्सन प्रतिनिधि नगर परिषद भिवानी।

जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के बरसाती नालों को फिलहाल जेसीबी से साफ कराया जा रहा है। चुनाव के बाद ही नालों की सफाई के टेंडर कराकर इन्हें मानसून से पहले साफ करा दिया जाएगा। शहरी दायरे में विभाग के अंतर्गत आने वाले सीवरमैनहोल की सफाई का पहले ही कराई जा चुकी है।
विज्ञापन


-सुनील कुमार रंगा, कार्यकारी अभियंता, शहरी सीवरेज शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग भिवानी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें