भिवानी। नौ माह से वेतन नहीं मिलने और उपेक्षा से आहत प्रेरक संघ के छह सदस्यों ने सीएम विंडो पर शिकायत कर इच्छा मृत्यु की गुहार लगाई है। सदस्यों ने बताया कि नौ माह से मानदेय नहीं, 36 माह से एईसी खर्च व अन्य मांगों को लेकर उनकी उपेक्षा की जा रही है।
सोमवार को प्रेरक संघ के छह सदस्य लघु सचिवालय पहुंचे और सीएम विंडो पर इच्छा मृत्यु की गुहार लगाई। प्रेरक संघ के प्रदेश अध्यक्ष भगवत कौशिक, रमेश मखीजा, युद्धवीर, ममता, लक्ष्मी और गीता ने कहा कि पिछले 9 माह से मानदेय और 36 माह से एईसी खर्च का एक भी पैसा नहीं मिल पाया है, जिस कारण शिक्षा प्रेरक दर दर की ठोकरें खाने पर मजबूर हैं। इसी वजह से आहत होकर वे इच्छा मृत्यु मांगने जैसा कठोर कदम उठाने पर मजबूर हैं। भगवत कौशिक ने बताया कि पिछले डेढ़ वर्ष से शिक्षा प्रेरक सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, न्यूनतम वेतन दो हजार से बढ़ाकर 15 हजार रुपये करने और पिछला बकाया मानदेय एवं एईसी खर्च दिलवाने के लिए जिला मुख्यालय से लेकर दिल्ली तक प्रदर्शन कर चुके हैं जहां उन्हें सिवाए कोरे आश्वासनों के कुछ भी हासिल नहीं हुआ है। इसी कारण मजबूर होकर उन्होंने इच्छा मृत्यु जैसा कठोर कदम उठाने का फैसला किया है। सरकार की नीतियों के कारण शिक्षा प्रेरकों के सामने रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि 5200 शिक्षा प्रेरकों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा इसके लिए चाहे कितना भी बड़ा कदम उठाना क्यों ना पड़े। इसके साथ ही उन्होंने सरकार से मांग की है कि बार-बार प्रेरकों के मानदेय में देरी करने के दोषी अधिकारियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और साक्षर भारत मिशन में व्याप्त भ्रष्टाचार की उच्च अधिकारियों से जांच करवाई जाए। इस मौके रमेश मखीजा, ममता धनाना, युद्धवीर, लक्ष्मी, गीता, प्रवीण, संजय, राजकुमार, सुमन, चंद्रभान, प्रदीप, अनूप आदि मौजूद रहे।