भिवानी। स्वास्थ्य महानिदेशालय ने जिले की पीएचसी और सीएचसी में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करने के लिए सामान और उपकरण मुहैया कराए हैं। जिससे मरीजों को सुविधा मिलेगी। जिला मुख्यालय पर मरीजों के लिए नए बेड, मेडिसन ट्राॅली, डिलीवरी टेबल, विजिटर चेयर, सैंपल कलेक्शन चेयर, स्टूल, अलमारी, बेड साइड स्क्रीन, बेड साइड लॉकर सहित अन्य सामान शामिल है।
स्वास्थ्य विभाग ने महानिदेशालय को पीएचसी और सीएचसी स्तर पर चिकित्सा उपकरणों व सुविधाओं के लिए डिमांड भेजी थी। जिसके बाद निदेशालय से सामान की बड़ी खेप जिला मुख्यालय भेजी गई है। जिसे संबंधित प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भेजा जा रहा है। विभाग ने कुछ अर्से पहले ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सा सुविधा विस्तार के लिए निर्देश दिए थे, इसी के साथ अब स्वास्थ्य विभाग ढांचागत सुविधा विस्तार के लिए सामान की आपूर्ति करा रहा है।
मुख्यालय से ये पहुंचा है सामान
जिला मुख्यालय पर स्वास्थ्य महानिदेशालय से 15 मेडियन ट्राॅली, 32 डिलीवरी टेबल, 50 विजिटर चेयर, 10 सैंपल कलेक्शन चेयर, 50 स्टूल, 41 बड़ी अलमारी, 40 बेड साइड स्क्रीन, 50 बेड साइड लॉकर, 30 सिंगल स्टेंप स्टूल, 100 ऑफिस चेयर, 100 गद्दे, 35 बेड, 36 ऑफिस टेबल, 50 डाॅक्टर चेयर आई हैं। इनमें से कुछ सामान बवानीखेड़ा, जमालपुर, पुर, संडवा, नकीपुर, ओबरा और लोहारू के अस्पताल में भेजा गया है। जबकि जरूरत के अनुसार अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में भी सामान भेजा जा रहा है।
सभी गांवों में कराई जाएगी फॉगिंग, पंचायती राज विभाग ने जारी किया आदेश
पंचायती राज विभाग ने सभी ग्राम पंचायतों को आदेश जारी किया है कि गांवों में फॉगिंग का काम जल्द से जल्द कराया जाए। ग्राम पंचायतों को जारी हुए आदेशों में ग्राम पंचायत स्तर पर ही फॉगिंग की व्यवस्था कराई जानी है। बता दें कि फॉगिंग के लिए दवाइयों की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जा रही है। जरूरत के हिसाब से स्वास्थ्य विभाग ग्राम पंचायतों को दवाइयां मुहैया करा रहा है। जबकि फॉगिंग उपकरण ग्राम पंचायत द्वारा अपने स्तर पर ही जुटाया जा रहा है। कई गांवों के पास तो फॉगिंग मशीनें तक नहीं हैं, इन गांवों में उधार की मशीनों से ही फॉगिंग का काम कराया जाएगा।
स्वास्थ्य महानिदेशालय से स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों के लिए नया सामान आया है। इस सामान को मुख्य स्टोर से संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों को जरूरत के हिसाब से जारी किया जा रहा है। चिकित्सा सुविधाओं के लिए मरीजों को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। -डॉ. रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन, भिवानी।