भिवानी। भिवानी में आयोजित ब्रह्मोत्सव में शामिल होने जा रहे जयहिंद सेना के सुप्रीमो और सामाजिक कार्यकर्ता नवीन जयहिंद को रविवार को भिवानी शहर के बाईपास पर सदर पुलिस ने रोककर हिरासत में ले लिया।
जयहिंद ने धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होने की बात कही, लेकिन प्रशासन ने एक नहीं सुनी और धारा 144 लागू होने का हवाला दिया। जयहिंद ने आरोप लगाया कि भिवानी में ब्रह्मोत्सव रोक कर सरकार ने बड़ा पाप किया है। पुलिस जयहिंद को हिरासत में लेकर अपने साथ बेरी थाने में ले गई। जयहिंद के कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर भारी पुलिस बल पहले ही भिवानी बाईपास पर तैनात था, जिसने जयहिंद को भिवानी शहर में प्रवेश नहीं करने दिया।
इसके बाद नवीन जयहिंद और पुलिस के बीच काफी देर बातचीत चली। जयहिंद ने कहा कि वे किसी तरह का कोई कानून तोड़ने नहीं, बल्कि एक धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होने के लिए जा रहे हैं। जिसकी प्रशासन ने खुद अनुमति दी है। लेकिन प्रशासन ने उन्हें ब्रह्मोत्सव में शामिल नहीं होने दिया। पुलिस जयहिंद को अपने साथ गाड़ी में बैठाकर दादरी, माजरा, दुबलधन से होते हुए बेरी थाने में ले गई। पुलिस जयहिंद को बेरी थाने के बाद रोहतक बाग में लेकर पहुंची और कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए छोड़ दिया। नवीन जयहिंद ने भिवानी ब्रह्मोत्सव रद्द करने और पुलिस द्वारा घेरने के मामले पर तंज कसते हुए सीएम के उस बयान का हवाला दिया जिसमें सीएम मनोहर लाल कह रहे हैं की प्रत्येक व्यक्ति को पुलिस सुरक्षा नहीं दे सकते हैं, लेकिन अकेले जयहिंद को घेरने के लिए 500 पुलिस कर्मचारी कैसे लगा दिए। जबकि भिवानी में होने जाने वाला कोई जलसा, प्रदर्शन या कोई रैली नहीं थी बल्कि एक धार्मिक अनुष्ठान था। जिसमे 36 बिरादरी के लोग भाग ले रहे थे।