भिवानी। जिले में इस वर्ष की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 14 मार्च को जिला एवं सत्र न्यायालय भिवानी सहित जिले के सभी उपमंडल स्तरीय न्यायालय परिसरों में किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के चेयरमैन एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया की अध्यक्षता में होगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) पवन कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत न्याय व्यवस्था का एक प्रभावी माध्यम है, जिसके जरिए लंबे समय से लंबित मामलों का निपटारा आपसी सहमति और समझौते के आधार पर किया जाता है। इससे न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम होता है और पक्षकारों को शीघ्र न्याय मिलता है। उन्होंने बताया कि लोक अदालत में मामलों के निपटान की प्रक्रिया सरल होती है और इसमें लंबी कानूनी औपचारिकताओं की आवश्यकता नहीं पड़ती। दोनों पक्षों की सहमति से समाधान होने के कारण समय और धन की बचत होती है। लोक अदालत का निर्णय अंतिम माना जाता है और इसके विरुद्ध अपील का प्रावधान नहीं होता। संवाद