भिवानी। नगर परिषद में भी शहरी दायरे की प्रॉपर्टी की आईडी बनाने का काम एक बार फिर बंद कर दिया। उपायुक्त के मौखिक आदेशों के बाद नगर परिषद के कार्यकारी अभियंता ने पीआईडी बनाने का काम बंद करा दिया। वहीं चरखी दादरी में मुख्यमंत्री उड़नदस्ते द्वारा ऑफ लाइन रजिस्ट्री में गड़बड़ी पकड़े जाने के बाद भिवानी में भी ऑनलाइन रजिस्ट्री का काम ठप हो गया है।
इसके पीछे भी शहरी दायरे की प्रॉपर्टी की आईडी बनाने में गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। नगर परिषद में लोग परेशान हुए। वहीं तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री का काम बंद होने से रजिस्ट्री कराने के लिए टोकन कटा चुके लोग भी बुधवार को दिनभर इधर-उधर भटकते रहे। हैरानी की बात यह है कि ऑफलाइन में गड़बड़ी रोकने के लिए ही सरकार ने ऑनलाइन सिस्टम अपनाया था, मगर धंधेबाजों ने सरकारी विभागों के ऑनलाइन सिस्टम में भी सेंधमारी कर दी।
भिवानी तहसील में बुधवार को ऑनलाइन रजिस्ट्री काउंटर पर कर्मचारी गायब मिले। पता चला कि तीन दिन के लिए रजिस्ट्री का काम बंद हो गया है। सरल केंद्र में ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्ट्री के लिए अलग से काउंटर बनाए हुए हैं। मगर बुधवार को इन काउंटरों पर कोई कर्मचारी नहीं था। जिन लोगों ने रजिस्ट्री के लिए टोकन कटाए थे, वे पूछताछ करने के लिए भटकते रहे। भिवानी तहसील कार्यालय में रोजाना ही 100 से 150 रजिस्ट्रियां ऑनलाइन की जाती हैं। एक दिन पहले रजिस्ट्री का टोकन भी जारी कर दिया जाता है। बिना टोकन के रजिस्ट्री नहीं होती। ऑफ लाइन रजिस्ट्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा हुआ है। यही हाल नगर परिषद का है। नगर परिषद में भी रोजाना 50 से 75 लोग अपनी प्रॉपर्टी की आईडी बनवाने पहुंच रहे हैं, मगर बुधवार को ही अचानक पीआईडी बंद कर दी है। बिना आईडी के प्रॉपर्टी की खरीद फरोख्त कर रजिस्ट्री कराने वाले भी सरकारी कार्यालयों में भटक रहे हैं। (संवाद)
पहले दिन कटाए थे टोकन, अब बोले नहीं होगी रजिस्ट्री
तहसील कार्यालय में भूमि की रजिस्ट्री कराने पहुंचे पवन कुमार, दलीप सिंह, हेमंत ने बताया कि एक दिन पहले ही रजिस्ट्री कराने के लिए ऑनलाइन टोकन कटा लिया था। टोकन भी मिल चुका था, बुधवार को जब रजिस्ट्री कराने पहुंचे तो अचानक मना कर दिया कि रजिस्ट्री नहीं होगी। तहसील कार्यालय से सरल केंद्र में पहुंचे तो वहां भी रजिस्ट्री काउंटर पर कोई कर्मचारी नहीं मिला, न ही कोई किसी तरह की सूचना लगाई गई। सुबह से कभी इधर तो कभी उधर घूम रहे हैं। पवन कुमार ने बताया कि शहरी दायरे की प्रॉपर्टी आईडी की जरूरत भी पड़ती है, मगर पीआईडी बंद होने से रजिस्ट्री का काम प्रभावित हो रहा है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि की रजिस्ट्री में डीटीपी विभाग से ऑनलाइन एनओसी की शर्त भी जरूरी की गई है। इन सब दस्तावेजों को पूरा किए जाने के बाद भी रजिस्ट्री नहीं हो रही है।
जांच की आंच से घिरे अधिकारियों में अभी से हुई घबराहट
तहसील कार्यालयों में पहले भी रजिस्ट्री घोटाले उजागर हो चुके हैं। हाल ही में चरखी दादरी में बड़े स्तर पर ऑफलाइन रजिस्ट्री मामले के बाद गड़बड़ी की आशंका के चलते जांच की आंच से घिरे अधिकारियों में अभी से घबराहट होने लगी है। हालांकि भिवानी में अभी तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है। मगर रजिस्ट्री ठप है तो रिकॉर्ड पर तो उच्चाधिकारियों की निगाहें जरूर जम गई है। अगर रिकॉर्ड को खंगालकर गहराई तक पड़ताल हुई तो कुछ न कुछ गड़बड़ी जरूर उजागर होगी।
वर्जन:::
भिवानी तहसील में हमने अपने स्तर पर कोई भी रजिस्ट्री नहीं रोकी है। रजिस्ट्री सरल केंद्र में ऑनलाइन पोर्टल पर हो रही हैं, अगर पोर्टल में कोई समस्या है तो इसमें हम कुछ नहीं कर सकते।
- रवींद्र सिंह, तहसीलदार भिवानी तहसील।
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जिला उपायुक्त के मौखिक आदेशों के बाद नगर परिषद में पीआईडी बनाने का काम बंद कर दिया है। जब तक उच्चाधिकारी कोई आदेश नहीं देते तब तक शहरी दायरे में पीआईडी नहीं बनाई जाएगी। पीआईडी बनाने में गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही हैं, शायद इसी वजह से ये काम बंद कराया गया है।
- संजय यादव कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद भिवानी।
नगर परिषद कार्यालय में पीआइडी बनवाने पहुंचे लोग। संवाद- फोटो : Bhiwani