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Bhiwani News: गलत तरीके से तीन बच्चों के जन्म पंजीकरण में बृजपाल परमार व अन्य पर केस दर्ज

Wed, 01 Feb 2023 11:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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भिवानी। गलत तरीके से तीन बच्चों के जन्म पंजीकरण के मामले में उप सिविल सर्जन कम जांच अधिकारी की शिकायत पर सदर पुलिस ने बृजपाल परमार व अन्य पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। वहीं बृजपाल परमार ने भी अपने खिलाफ दर्ज हुए केस को निराधार बताते हुए एक शिकायत पर एक ही अधिकारी की तीन अलग-अलग जांच रिपोर्ट देने पर शिकायतकर्ता अधिकारी की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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उप सिविल सर्जन डॉ. कृष्ण कुमार की शिकायत पर सदर पुलिस थाना में बृजपाल परमार व संबंधित जन्म मृत्यु पंजीकरण विभाग बामला एवं भिवानी के संबंधित कर्मचारी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है। शिकायत में जांच अधिकारी ने तीन बच्चों के देरी से जन्म पंजीकरण के संबंध में अपनी जांच रिपोर्ट का भी हवाला दिया है।
दरअसल बृजपाल के तीन बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र की शिकायत स्वास्थ्य विभाग के समक्ष आई थी। इसकी दो बार स्वास्थ्य विभाग ने जांच कराई और दोनों ही बार जांच रिपोर्ट बृजपाल के हक दी गई। बृजपाल का आरोप है कि उसी व्यक्ति की शिकायत पर तीसरी बार भी उसी जांच अधिकारी ने जांच की और बिना उसका पक्ष सुने एक पक्षीय जांच रिपोर्ट स्वास्थ्य अधिकारियों को सौंप दी। तीसरी जांच रिपोर्ट में स्वास्थ्य अधिकारी ने जन्म पंजीकरण में दस्तावेजों की हेराफेरी बताई है। इसके बाद पुलिस ने धोखाधड़ी की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
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एसडीएम के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग ने बनाए थे जन्म प्रमाण पत्र : बृजपाल परमार
बृजपाल परमार ने बताया कि उसके बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र एसडीएम के आदेश पर बने थे। इसमें सभी दस्तावेज भी लगाए गए थे। लेकिन स्वास्थ्य अधिकारियों ने अपनी जांच में एसडीएम के आदेशों को भी शामिल नहीं किया और न ही उनका कोई पक्ष जांच में सुना और रखा गया। एक व्यक्ति की शिकायत पर तीन-तरह की जांच रिपोर्ट खुद उप सिविल सर्जन डॉ कृष्ण कुमार की भूमिका को संदेहास्पद बता रही है। उनका यह भी तर्क है कि जन्म मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1969 की धारा 25 में मुख्य रजिस्ट्रार द्वारा ही कार्रवाई का नियम है, जबकि ये जांच अधिकारी हैं, शिकायतकर्ता नहीं बन सकते हैं।
बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र में गड़बड़ी को लेकर शिकायत मिली थी। इसमें शिकायतकर्ता द्वारा दी गई शिकायत के तथ्य सही पाए गए। पीड़ित को अगर जांच में कोई आपत्ति है तो वह दोबारा जांच करा सकते हैं।
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-डॉ कृष्ण कुमार उप सिविल सर्जन भिवानी।
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