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आठ साल बाद खुला गजराज की हत्या का राज

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सदर थाना पुलिस द्वारा पकड़ा गया हत्यारोपी। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : Bhiwani
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सदर पुलिस थाना ने आठ साल पहले हुई गजराज की हत्या की गुत्थी को आखिरकार सुलझा लिया। मामला दहेज प्रताड़ना की शिकायत के बाद सामने आया और फिर तह तक जाने के बाद ब्लाइंड मर्डर केस का भी पर्दाफाश हो गया। मंगत हत्याकांड में सजायाफ्ता गजराज का हत्यारा कोई और नहीं, मृतक का दोस्त ही निकला। सदर पुलिस की गिरफ्त में आए गांव कलाली वासी 50 वर्षीय कुलदीप ने अवैध संबंध के चलते रेवाड़ी के डहीना गांव के गजराज की गला घोंटकर हत्या के बाद उसके शव को पेट्रोल उड़ेलकर जलाने की वारदात को कुबूल कर लिया। इस हत्याकांड में कुलदीप का बेटा योगेश, उसका साथी खिन्ना व दो अन्य भी शामिल बताए जा रहे हैं।
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सदर पुलिस थाना इंचार्ज इंस्पेक्टर श्रीभगवान यादव ने गजराज हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि दो दिसंबर 2012 को ढाणालाडनुर रेलवे फाटक के समीप जली हुई लाश मिली थी। इस मामले में सदर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया था, लेकिन 2019 तक मृतक और हत्यारे के बारे में कोई सुराग नहीं लगा तो ये मामला अनट्रेस घोषित कर दिया था।
श्रीभगवान यादव ने बताया कि इस मर्डर केस में मुख्य आरोपी कुलदीप कलाली को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि आठ जून 2020 को एक महिला ने एसपी को शिकायत दी थी। उसने दावा किया था कि दो दिसंबर 2012 को ढाणालाडनपुर रेलवे फाटक के समीप जली हुई लाश पुलिस को मिली थी वह उसके पति की थी। उसके पति की हत्या उसी के दोस्त कुलदीप व अन्य ने की थी। इसके बाद अदालत से अनुमति लेकर मामले की तहकीकात की गई। मुख्य आरोपी कुलदीप ने बताया कि गजराज और उसकी पत्नी ने 2003 में अपने ही गांव के मंगत की हथियारों से काटकर हत्या के बाद शव बोरी में बांधकर कुएं में फेंक दिया था। इसी मामले में 2005 में दोनों को उम्रकैद हो गई थी। महिला 2008 और गजराज 2009 में बाहर आया था। हाईकोर्ट ने भी उनकी सजा बरकरार रखी थी। इसी दौरान कुलदीप और गजराज दोनों गाड़ी चलाते थे और दोस्त बन गए। कुलदीप ने गजराज के परिवार का गांव छुड़वाकर भिवानी के सेक्टर 13 में किराये पर मकान दिलाया। तभी गजराज की पत्नी के साथ कुलदीप की नजदीकियां बढ़ने लगीं। सेक्टर 13 में कुछ महीने रहने के बाद गजराज के परिवार को तोशाम के सिवानी रोड पर किराये का मकान दिलाया। यहां से भी गजराज अपने परिवार को लेकर राजस्थान चला गया, जबकि कुलदीप दुर्गा कॉलोनी में किराये पर रहने लगा। दो दिसंबर 2012 को कुलदीप ने गजराज को दुर्गा कॉलोनी के मकान पर बुलाया। गजराज जब यहां पहुंचा तो उसका कुलदीप ने अपने बेटे योगेश, साथी खिन्ना व दो अन्य के साथ मिलकर गला घोंटकर हत्या कर दी।
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राज न खुले इसलिए हत्यारोपी ने बेटे से करा दी थी गजराज की नाबालिग लड़की की शादी
इसके बाद कुलदीप गजराज के पत्नी और बच्चों को राजस्थान से भिवानी के पुराना हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी ले आया और उन्हें अपने साथ रखने लगा। इसी दौरान मार्च 2013 में कुलदीप ने गजराज की नाबालिग बेटी की शादी अपने बेटे योगेश के साथ इसलिए कर दी कि हत्याकांड का राज न खुले। इसके बाद कुलदीप अंबाला में चोरी-लूट के मामले में गिरफ्तार हो गया। इसके बाद गजराज की बीवी बैंक कॉलोनी में रहने लगी। योगेश गजराज की बेटी के साथ अपने गांव कलाली रहने लगा। इस दौरान उसे दो बच्चे भी हुए। बाद में अनबन होने के कारण योगेश और उसकी पत्नी दोनों अलग रहने लगे। योगेश की पत्नी ने दहेज प्रताड़ना की शिकायत पुलिस को दी। इसी दौरान दोनों पक्षों की आपसी समझौते के लिए पंचायतें र्हुइं तो मामला गजराज की हत्या का भी उछलने लगा। बाद में गजराज की पत्नी ने एसपी को शिकायत दी।
आरोपी कुलदीप चार दिन के पुलिस रिमांड पर
एसएचओ श्रीभगवान ने बताया कि आरोपी कुलदीप को बुधवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे चार दिन के पुलिस रिमांड पर हासिल किया है। वहीं इस गजराज हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी की जाएगी।
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