भिवानी। साहब, मैंने छह माह पहले मकान ट्रांसफर की शिकायत नगर परिषद में दी थी। अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, जब भी गया मुझे बोला गया कि सीट पर कर्मचारी नहीं है। यह सुनकर विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली का पारा चढ़ा तो झट से शिकायत के जवाब में नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अभय सिंह यादव बोले कि सर मैं अभी आया हूं, रिकाॅर्ड जांचा तो कार्यालय से कुछ रिकाॅर्ड ही गायब है। इस पर मंत्री भड़क उठे और बोले मैं कार्यालय का विजिट करूंगा और फाइल पेंडिंग मिली तो इलाज करूंगा।
नगर परिषद की बात आते ही वहां मौजूद कष्ट निवारण समिति के सदस्य भी बोले कि साहब यहां का बुरा हाल है। डीसी नरेश नरवाल बोले कि तुम रिकॉर्ड में मालिक बदल देते हो तो मंत्री के मुंह से निकल गया कि टोहाना में भी हम नगर परिषद से परेशान हैं। बुधवार को पंचायत भवन में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली पहुंचे। मंत्री ने कुल 13 परिवादों पर सुनवाई की। अग्रसेन कॉलोनीवासी सुधा ने पुलिस अधिकारियों पर किसी भी कार्रवाई में पीड़ित पक्ष के प्रति व्यवहार को लेकर शिकायत दर्ज कराई। जिस पर मंत्री ने पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिए कि अधिकारी अपना रवैया और व्यवहार दोनों सुधारें। जनता की बात सलीके से सुने और उसका निदान भी करें। वहीं पीयूष गुप्ता के पिता हनुमान प्रसाद गुप्ता की मौत मामले में स्वास्थ्य अधिकारियों और बैठक में बुलाए जाने पर भी नहीं आने पर मंत्री ने सुनवाई के दौरान निजी अस्पताल संचालक पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। हीरालाल प्राचार्य के मामले में साइबर सेल को जल्दी रुपये रिकवरी कराने के निर्देश दिए।
535 एकड़ में रजिस्ट्रेशन, 3572 एकड़ में करा दी वेरिफिकेशन, तीन हजार एकड़ का भावांतर हड़पा
गांव दरियापुर के कृष्ण कुमार ने मंत्री के समक्ष बाजरा भावांतर में सरकारी राशि हड़पने के कई मामले गिनाए। उसने बताया कि गांव दरियापुर में 535 एकड़ में फसल रजिस्ट्रेशन हुआ। लेकिन 3572 एकड़ का वेरिफिकेशन कराकर करीब तीन हजार एकड़ में फर्जी तरीके से बाजरे का भावांतर हड़पा गया। कृषि विभाग ने भावांतर के किसानों की लिस्ट तक नहीं दी। दरियापुर में करीब 180 बाहरी लोगों ने फर्जी तरीके से भावांतर में बाजरे का अनुचित लाभ लेकर सरकारी राशि को हड़प कर लिया। पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह ने बताया कि अब तक पुलिस छह एफआईआर दर्ज कर चुकी है और दो लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं डीसी नरेश नरवाल ने बताया कि मामले की जांच तोशाम एसडीएम कर रहे हैं। इस पर मंत्री ने कहा कि भावांतर योजना में बड़ा गिरोह काम कर रहा है। इस मामले की जांच स्टेट विजिलेंस से कराई जाए।
63 साल की बुजुर्ग को वोटर कार्ड में 47 साल की दर्शा काटी पेंशन
गांव कायला निवासी कौशल्या ने मंत्री के समक्ष बताया कि उसकी उम्र 63 साल है, लेकिन वोटर कार्ड में उसकी उम्र 47 साल दर्शाई है। जिस वजह से उसकी पेंशन काट दी गई है। इस पर मंत्री बबली ने जिला समाज कल्याण अधिकारी सरफराज खान को निर्देश दिए कि पात्र व्यक्तियों को पेंशन का लाभ पाने में अनावश्यक रूप से देरी न हो और वे कौशल्या की पेंशन से संबंधित औपचारिकताएं अति शीघ्र पूरी करवाएं। विद्या नगर निवासी ओमप्रकाश के मामले में मंत्री ने इस मामले की जांच अन्य पुलिस अधिकारी को सौंपने के निर्देश दिए और कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी।
मंत्री ने की खिंचाई तो ईओ ने दी सफाई
विकास नगर निवासी संतोष गुप्ता अपने पति रमेशचंद्र गुप्ता के साथ बैठक मेंं पहुंची। उसने बताया कि चार अप्रैल 2022 को विकास नगर कॉलोनी में मकान खरीदा था। मकान उसके नाम ट्रांसफर कराने के लिए छह माह पहले आवेदन किया था। लेकिन काफी बार चक्कर लगाने पर उसे हर बार बताया जाता कि कर्मचारी सीट पर नहीं है। इस पर मंत्री ने ईओ की खिंचाई की वे सफाई देते नजर आए। वहीं पिछली बैठक में लठियावाला जोहड़ पर अवैध कब्जे हटवाने पर मंत्री ने पूछा तो अधिकारियों की हवाइयां उड़ गई। मंत्री भड़के तो अधिकारी सफाई देते रहे। इस पर मंत्री ने बैठक के आदेशों को हल्के में नहीं लेने और गंभीरता से कार्रवाई के आदेश देते हुए पालना नहीं होने पर सख्त कार्रवाई की बात कही।
आयुष्मान कार्ड, फिर भी निजी अस्पताल में वसूले लाखों
गांव जताई निवासी धर्मबीर ने बताया कि उनका आयुष्मान कार्ड बना है, फिर भी परिवार के सदस्य के निजी अस्पताल में इलाज के नाम पर लाखों का भुगतान करा लिया। इस पर मंत्री ने पीड़ित को इलाज में खर्च पैसा वापस दिलाने के निर्देश दिए वहीं पुलिस और स्वास्थ्य अधिकारी को उचित कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं मिल्कपुर के अनिल कुमार के मामले में मंत्री ने सिंचाई विभाग को पुलिस सहायता लेकर खेत में कच्चा खाल खुलवाने के निर्देश दिए।
ट्यूबवेल कनेक्शन को लेकर बैठक में हुआ फैमिली ड्रामा, मंत्री ने जोड़े हाथ
गांव इंदीवाली निवासी झंडू राम मामला मंत्री के समक्ष रखा। जिस पर बेटों ने पिता पर ट्यूबवेल कनेक्शन नहीं होने देने का आरोप लगाया। इस पर मंत्री ने बुजुर्ग पिता और बेटों को भी बैठक में बुलाया। जिस पर फैमिली ड्रामा शुरू हुआ तो मंत्री को भी हाथ जोड़ने पड़े और बुजुर्ग से बेटे के ट्यूबवेल कनेक्शन होने देने की मंत्री ने खुद गुहार लगाई तो बुजुर्ग ने उनकी मनुहार भी ठुकरा दी। इस पर मंत्री ने सूझबूझ से अधिकारियों को ट्यूबवेल कनेक्शन के आदेश दिए।
ये रहे मौजूद
इस दौरान विधायक घनश्याम सर्राफ, विधायक बिशंबर वाल्मीकि, जिला परिषद चेयरपर्सन अनीता मलिक, उपायुक्त नरेश नरवाल, पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत, एडीसी लिंक ऑफिसर मनोज दलाल सहित अन्य अधिकारी व भाजपा-जजपा नेता मौजूद रहे।