भिवानी। नगर परिषद में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्रॉपर्टी आईडी बनवाकर भूमि की रजिस्ट्री कराने के मामले में नगर परिषद के लिपिक नीरज चौहान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मामले की जांच फिलहाल आर्थिक अपराध शाखा कर रही है। इस मामले में आरोपी महिला राजबाला तथा नगर परिषद के कनिष्ठ अभियंता (जेई) आबिद हुसैन का नाम भी पुलिस की प्राथमिकी में दर्ज है।
इससे पहले नीरज चौहान की अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज हो चुकी थी जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी की संभावना प्रबल हो गई थी। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता रोहतक के निरीक्षक सुनील कुमार की शिकायत पर शहर थाना पुलिस ने 17 फरवरी को आरोपी राजबाला, नगर परिषद के कनिष्ठ अभियंता आबिद हुसैन तथा लिपिक नीरज चौहान के खिलाफ धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की ओर से यह शिकायत 12 फरवरी को पुलिस अधीक्षक कार्यालय भेजी गई थी।
शिकायत के अनुसार 25 सितंबर 2025 को मुख्यमंत्री उड़नदस्ता रोहतक को परशुराम कॉलोनी से संबंधित शिकायत प्राप्त हुई थी। इसमें आरोप लगाया गया कि भूमि मालिकों ने नगर परिषद और तहसील कर्मचारियों के साथ मिलीभगत कर दस्तावेजों में छेड़छाड़ की। संपत्ति आईडी की श्रेणी बदलकर अनधिकृत क्षेत्र को अधिकृत क्षेत्र दर्शाया गया।
नगर परिषद से गलत दस्तावेजों के आधार पर धोखाधड़ी से एनडीसी (नो ड्यूज सर्टिफिकेट) प्राप्त किया गया और विक्रय दस्तावेज का अनधिकृत तरीके से पंजीकरण कराया गया।
शिकायत में महिला राजबाला पर वर्ष 2021-22 की जमाबंदी और राजस्व रिकॉर्ड में छेड़छाड़ के आरोप लगाए गए हैं। एनडीसी के लिए पोर्टल पर अपलोड किए गए दस्तावेजों में एक अन्य खसरा संख्या गलत तरीके से दर्ज की गई।
इसके बाद नगर परिषद के लिपिक नीरज चौहान और कनिष्ठ अभियंता आबिद हुसैन ने भौतिक निरीक्षण किए बिना तथा आधिकारिक अभिलेखों की अनदेखी करते हुए उक्त संपत्ति आईडी की श्रेणी अनधिकृत क्षेत्र से अधिकृत क्षेत्र में बदल दी और एनडीसी जारी कर दी।
इस संबंध में जिला अनुसंधान इकाई-द्वितीय के प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र ने बताया कि मामले में लिपिक नीरज चौहान की संलिप्तता पाए जाने पर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। जांच अभी जारी है।