नागरिक अस्पताल की ओपीडी में चिकित्सक कक्ष के बाहर लगी मरीजों की भीड़।
भिवानी। इन दिनों मम्प्स संक्रमण बच्चों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर रहा है। जिला नागरिक अस्पताल की बाल रोग ओपीडी में रोजाना करीब 150 मरीज आ रहे हैं। वहीं सप्ताहभर में सात से दस मरीजों में मम्प्स संक्रमण के लक्षण पाए गए हैं। वहीं चार मरीज संक्रमित मिले हैं। यह मौसमी संक्रमण है।
शुक्रवार को भी मम्प्स (गलसुआ) के लक्षण के मरीज ओपीडी में आए। चिकित्सक ने बताया कि यह संक्रमण मौसम बदलाव के कारण हो रहा है। इसमें साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना पड़ता है। जिन मरीजों में संक्रमण के लक्षण के दिखते हैं। उन्हें ईएनटी के चिकित्सक के पास पुष्टि के लिए भेजा जाता है कि मरीज को संक्रमण है या नहीं। इस संक्रमण में घबराने वाली कोई बात नहीं हैं। इस संक्रमण को घर पर रहकर ठीक किया जा सकता है। दवाइयों के सेवन से यह संक्रमण ठीक हो जाता है। इसे ठीक होने में दो सप्ताह का समय लग सकता है। वहीं मम्प्स के लक्षण बुखार, सिरदर्द के साथ मांसपेशियों में दर्द रहता है। खाने की इच्छा नहीं होती। कुछ ही दिनों में ये लार ग्रंथियों की सूजन का कारण बन जाती हैं। चेहरे पर सूजन के साथ दर्द, खाने में परेशानी हो सकती है। इस तरह के लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
इस तरह करें बचाव
- अधिक मात्रा में तरल पदार्थ पीएं।
- गुनगुने नमक वाले पानी से गरारा करें।
- आसानी से चबाने वाला खाना खाएं।
- साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें।
अस्पताल में मम्प्स संक्रमण के मरीज आ रहे हैं। इसमें घबराने वाली कोई बात नहीं है। अस्पताल में संक्रमण को ठीक करने के लिए सारी दवाइयां हैं।
- रीटा सिसोदिया, बाल रोग विशेषज्ञ जिला नागरिक अस्पताल भिवानी।