तेज बरसात और ओलावृष्टि से प्रभावित आधा दर्जन गांवों में शुक्रवार को केंद्रीय टीम पहुंची और खेतों का मुआयना कर स्थिति का जायजा लिया। किसानों को उनके नुकसान की भरपाई का आश्वासन भी दिया।
केंद्रीय टीम नीति आयोग के सलाहकार जेपी मिश्रा, कृषि विभाग के अतिरिक्त निदेशक वीएस दुग्गल, उपायुक्त डा. साकेत कुमार के नेतृत्व में दोपहर बाद बाढड़ा क्षेत्र के केनाल विश्रामगृह में प्रशासनिक अधिकारियों से विचार विमर्श के बाद भांडवा, आर्यनगर, ढाणी सुरजा, लाड, मथुरा आदि बेमौसम बरसात व ओलावृष्टि से प्रभावित गेहूं, सरसों व अन्य फसलों का मौका मुआयना किया तथा किसानों से वार्ता भी की।
किसानों ने बताया कि ओलावृष्टि ने उनकी फसलों को सौ प्रतिशत तबाह कर दिया है। उनके सामने खुद के खाने के लिए ही नहीं बल्कि पशुओं के चारे के लिए भी संकट पैदा हो गया है। ओलावृष्टि के कारण गेहूं से भूसा निकाला गया लेकिन यह अब जहरीला बन गया है और इससे पशुओं के मरने का भी हालात पैदा हो गया है।
उपायुक्त डा. साकेत कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन ने स्पेशल गिरदावरी करवा कर लगभग डेढ़ लाख एकड़ भूमि को इसमें शामिल किया है। इसका आगामी चरण में मुआवजा वितरण करवाया जाएगा। इस मौके पर कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एसएस कंडपाल, ग्रामीण विकास के वरिष्ठ अधिकारी राजेश मक्कड़, केंद्रीय जलआयोग के निदेशक दर्पण तलवार, एसडीएम बिजेन्द्र सिंह हुड्डा, कृषि विभाग के उपनिदेशक डा. आत्माराम गोदारा, पशुपालन के उपनिदेशक डा. जयसिंह, एडीओ डा. रणबीर सिंह मान आदि मौजूद थे।
केंद्र व राज्य सरकार को रिपोर्ट देगी टीम
केंद्रीय नीति आयोग के सलाहकार जेपी मिश्रा ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा दो टीमों का गठन कर प्रदेश की ओलावृष्टि स्थिति का जायजा लेने के लिए भेजा है। जो एक टीम हथीन, पलवल क्षेत्र व दूसरी टीम ने रेवाड़ी व भिवानी जिले का दौरा कर स्थिति का आंकलन किया है। दोनों टीमें चंडीगढ़ मुख्यालय पहुंच कर अपनी रिपोर्ट राज्य व केन्द्र सरकार को सौंपेंगी।