भिवानी के तिगड़ाना मोड चौक पर छाई हल्की धुंध।
भिवानी। जिले में सुबह-शाम धुंध और तेज ठंडी हवा के कारण ठिठुरन भरी ठंड लगातार बढ़ रही है। शनिवार को दिनभर चली ठंडी हवा और दोपहर को खिली धूप भी लोगों को गर्माहट नहीं दे पाई। शाम पांच बजे के बाद शहर में धुंध का असर और बढ़ गया और ठंडी हवा की गति तेज हो गई। बढ़ती धुंध का प्रभाव जहां किसानों के लिए सकारात्मक है वहीं बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है।
बुजुर्गों में सांस लेने में परेशानी और अस्थमा की शिकायतें आ रही हैं। बच्चों में सूखी खांसी और छाती जाम होने जैसी समस्याएं देखी जा रही हैं। इसके अलावा बीपी, शुगर, बदन दर्द, जोड़ों के दर्द, पुरानी चोट का दर्द और हृदय संबंधी मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल के आपात विभाग में हृदय रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हार्ट फेल होने के कारण मौत के मामले भी सामने आ रहे हैं। शनिवार को पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज के सामान्य रोग विशेषज्ञ और हड्डी रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में मरीजों की भीड़ लगी रही। सप्ताह का आखिरी दिन होने के बावजूद ठंड से प्रभावित मरीजों की संख्या लगातार ओपीडी में पहुंच रही है।
23 के बाद मौसम में होगा बदलाव
शनिवार को शहर का अधिकतम तापमान 21 डिग्री व न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एक्यूआई 162 रहा। चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम वैज्ञानिक डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार 20 दिसंबर से शुरू पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव 22 दिसंबर तक बना रहेगा। इस दौरान दिन के तापमान में हल्की गिरावट और रात के तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है। कुछ स्थानों पर आसमान में बादल छाए रहने की भी संभावना है। 23 दिसंबर से मौसम बदलने की संभावना है। दिन का तापमान थोड़ा बढ़ सकता है लेकिन रात का तापमान गिर सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि गेंहू की बिजाई के बाद जहां सिंचाई आवश्यक है वहां हल्की सिंचाई करें।
सुबह-शाम अधिक ठंड में सैर पर जाने से करें परहेज
पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। फिजिशियन डॉ. यतिन गुप्ता ने कहा कि खांसी, जुकाम, सांस और अस्थमा के मरीज सुबह-शाम ठंड में बाहर न जाएं। बीपी और शुगर के मरीज नियमित जांच करें। ठंडी हवा की सीधे चपेट में आने से बचें। शरीर को गर्म कपड़ों से ढककर रखें। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष श्योराण ने कहा कि बुजुर्गों को ठंड से बचाव करना चाहिए। बदन दर्द और जोड़ों के दर्द बढ़ सकते हैं। ठंडी हवा और ठंडी खाद्य सामग्री से दूरी बनाएं। दिन में धूप निकलने पर हल्का व्यायाम करें और धूप में बैठकर शरीर की सिकाई करें।