भिवानी। बिजली निगम का ऑन लाइन सिस्टम हजारों उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रहा है। करीब चार महीने के इंतजार के बाद पहुंचे बिजली बिलों में भारी गड़बड़ी है। बिलों में मुख्य गड़बड़ी यह है कि पिछला बिल भरने के बावजूद नए बिल में जोड़कर भेजा गया है। अब उपभोक्ता बिल ठीक करवाने के लिए निगम कार्यालय में इधर से उधर भटक रहे हैं।
बिजली निगम की ओर से भेजे गए बिल उपभोक्ताओं पर गहरे से लगे। हरेक बिल लगभग दोगुना। किसी का 18 हजार तो किसी का 33 हजार। जिनके घरों में सिर्फ एक पंखा, लाइट, टीवी है, उनके बिल भी आठ से 10 हजार के। बिल देख उपभोक्ताओं के पसीने छूट गए। अब उपभोक्ता बिल ठीक कराने के लिए निगम के चक्कर काट रहे हैं। करीब चार महीने बाद भेजे गए बिलों में गड़बड़ी है। गड़बड़ी यह है कि पिछला भरा हुआ बिल भी इसमें जोड़ा गया है। यह गलती किसी एक या दो उपभोक्ता के साथ नहीं बल्कि नए बने सभी बिलों में है। निगम अधिकारियों की ओर से अब एक हजार से अधिक बिलों की शिकायत बिल बनाने वाली कंपनी को दी गई है। बताया जा रहा है कि जिस कंपनी के साथ बिल बनाने का अनुबंध है, उसने पिछले भरे हुए बिलों को अपडेट नहीं किया। जिस कारण पुराने बिलों की राशि भी नए में जुड़कर आई है। अभी शहर के कुछ एरिया के ही बिल बने है। बाकी एरिया के बिलों में भी यह गड़बड़ी आने की आशंका है।
बिल भरने वालों की तरह ठीक कराने वालों की भी भीड़
बिल भरने की अंतिम तिथि नजदीक होने के कारण जिस तरह बिल भरने वालों की भीड़ उमड़ रही है, उसी तरह बिल ठीक करने वालों का भी जमघट लगा है। जितने बिल भरने वाले है, उतने ही ठीक करवाने वाले।
पुराना बिल जोड़ने के साथ पेनल्टी भी
नए बिल में न केवल पिछले बिल की राशि जोड़ी गई है बल्कि एक सौ से दो सौ रुपये तक पेनल्टी भी लगाई गई है। अब बिल ठीक करने के दौरान उपभोक्ता पुराने बिल की राशि हटवाने के साथ इस पेनल्टी को भी घटवाने के लिए चक्कर काट रहे है।
ठीक करवाने वाले दिन ही भरना होगा बिल
नए साफ्टवेयर की एक समस्या यह है कि बिजली बिल ठीक करवाने पहुंच रहे लोगों के समक्ष शर्त है कि उन्हें बिल ठीक होने के दिन ही भुगतान करना होगा। अगर उस दिन किसी कारणवश भुगतान नहीं कर पाए तो अगली बाद बिल भरने से पहले दोबारा बिल ठीक करवाना होगा।
सिस्टम पर ठीक किया, बिल विंडो पर नहीं हुआ
उपभोक्ताओं के समक्ष एक समस्या यह भी आ रही है कि अंदर उपभोक्ता भागदौड़ व धक्का मुक्की के बाद अपना बिल ठीक करवाते है और बाहर बिल भरने वाली विंडो पर अपडेट नहीं होने के चलते चक्कर काटने पड़ते है। मंगलवार को कुछ महिलाओं को अनेक चक्कर काटने पड़े। हर कोई इस अव्यवस्था के लिए निगम अधिकारियों को कोसता रहा।
अधिकारियों की है लापरवाही
बिल भरने पहुंचे एक सेवानिवृत्त कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सिस्टम में ही दिक्कत है। दरअसल विभाग की ओर से ही पिछली बिल पेमेंट की डिटेल नहीं भेजी गई होगी। जिस कारण बिल बनाने वाली कंपनी ने पुराने बिल को भी लंबित समझ नए बिलों में ही पिछली राशि को जोड़कर भेज दिया।
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क्या कहते हैं उपभोक्ता
80 साल उम्र हो गई। अब बिल इतना ज्यादा आ गया। पूछा तो पता लगा कि पिछले बिल की राशि भी इसमें जोड़ दी है। पहले भरा हुआ बिल मंगवाया और अब इसे ठीक करवाया है। आज पेंशन निकलवाकर लाया हूं और अब बिल का भुगतान करूंगा। बिल भी बहुत ज्यादा आ रहा है।
बाबू राम, उपभोक्ता, आलमाल गली
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13 हजार रुपये ज्यादा का बिल आया। यहां जांच करवाई तो पता लगा कि बिल ही गलत है। चक्कर काटने के बाद अब बिल ठीक करवाया है और अब पीछे भरे हुए बिल की करीब 44 सौ रुपये की राशि घटवाई और साढ़े आठ हजार का बिल भरा। बेवजह परेशान कर रखा है।
सुनीता, उपभोक्ता, लोहड़ बाजार
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मेरा 11 हजार रुपये बिल आया है। जांच करवाई तो पता लगा कि पिछला बिल और कुछ डिफाल्टिंग राशि भी जोड़ दी है। जिस कारण यह समस्या आई। अब ठीक करवाने के लिए चक्कर काट रहे है। पिछला भरा बिल मिला नहीं। अब देखते है ठीक होता है या नहीं। अब होम गार्ड है। इतना बिल कहां से भरे।
अजीत सिंह, उपभोक्ता
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बिल देखकर तो सभी हैरान रह गए थे। जब ध्यान से देखा तो एरियर भी जोड़ा हुआ था। यहां आकर पता किया तो पता चला कि पिछला बिल भी जोड़कर दिया गया है। अब भरा हुआ बिल दिखाकर बिल ठीक करवाया है।
शंकर, उपभोक्ता, बागकोठी