भिवानी। भिवानी जिला बार के 2850 पंजीकृत अधिवक्ताओं में 300 से अधिक महिला अधिवक्ता भी प्रैक्टिस कर रही हैं। इन महिला अधिवक्ताओं के भी अपनी मांग और मुद्दे हैं, जिन्हें बार एसोसिएशन से पूरा कराने की उम्मीद भी की जा रही है।
महिला अधिवक्ताओं से उनकी मांग और मुद्दों को लेकर बात की गई तो कई मांगे सामने आईं। इनमें पहली मांग तो महिला अधिवक्ताओं के लिए चैंबर्स अलाॅटमेंट में महिलाओं को रियायत दिए जाने की मांग शामिल है। इसके अलावा महिला अधिवक्ता लंबे अर्से से बंद पड़ी लिफ्ट चालू कराने पर भी जोर दे रही हैं, क्योंकि अपने कार्यों के लिए न्यायालय परिसर और अधिवक्ता चैंबर्स परिसर में काफी बार आना जाना पड़ता है।
इसकी वजह से हर बार सीढ़ियां ही नापनी पड़ती हैं। हालांकि बार चुनावों में हर बार महिला अधिवक्ता भी पदाधिकारी चुनी जाती हैं। इस दफा भी बार एसोसिएशन के चुनावों में कई पदों पर महिला दावेदार भी सामने आ रही हैं।
जिला न्यायालय में महिला अधिवक्ता भी प्रैक्टिस करती हैं, जिनके सामने काफी चुनौतियां आती हैं। बार चुनावों में महिला अधिवक्ता भी पदाधिकारी चुनी जाती हैं। ऐसे में महिला अधिवक्ताओं के वेलफेयर के लिए भी जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए। महिला अधिवक्ताओं के लिए चैंबर्स अलॉटमेंट में रियायतें दी जाएं और उन्हें वरियता मिले। कई महिला अधिवक्ताओं के पास खुद के चैंबर्स नहीं है।
- एडवोकेट प्रीति बुडानिया।
महिला अधिवक्ता बार एसोसिएशन चुनावों में सक्रिय भागेदारी निभाती आ रही हैं। हर बार महिला किसी न किसी पद पर बार में पदाधिकारी भी चुनी जाती है। ऐसे में महिला अधिवक्ताओं के लिए भी सुविधाओं के मामले में बार को वेलफेयर के लिए कदम उठाने चाहिए। जिन मुद्दों को महिला अधिवक्ता बार एसोसिएशन के समक्ष उठाए, उन्हें वरियता दी जाए।
- एडवोकेट कृष्णा चौहान।
महिला अधिवक्ताओं के लिए जिला बार एसोसिएशन में कुछ खास सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। सभी अधिवक्ताओं के लिए सामूहिक मांग और मुद्दों को ही प्राथमिकता दी जा रही है। हमारी मांग है कि महिला अधिवक्ताओं के वेलफेयर और उनकी सुविधाओं की तरफ भी ध्यान दिया जाना चाहिए। अधिवक्ता चैंबर्स परिसर में भी महिला अधिवक्ताओं के लिए ज्यादा सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं।
-एडवोकेट रश्मी भाकर।