बवानीखेड़ा। गली-मोहल्लों से लेकर बाजार तक बंदरों के झुंड लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। शहर में बंदरों के बढ़ते उत्पात के कारण लोग खौफ के साये में जीने को मजबूर हैं। मुख्य बाजार, रेलवे रोड, हांसी रोड, वार्ड तीन, पांच और नौ सहित कई क्षेत्रों में बंदरों के झुंड दिनभर उत्पात मचाते रहते हैं।
स्थानीय निवासी बिमला, उषा, जोनी, रेखा और कुलवंत ने बताया कि बंदरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बंदर झुंड बनाकर घरों की छतों पर कूदते हैं, कपड़े फाड़ देते हैं और घरों में घुसकर खाने-पीने का सामान उठा ले जाते हैं। कई बार महिलाएं और बच्चे भी बंदरों के हमले का शिकार होकर घायल हो चुके हैं।
लोगों का कहना है कि स्कूल जाने वाले बच्चों और दूध लेने जाने वाली महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। दुकानदारों ने बताया कि बंदर दुकानों से फल, सब्जियां और अन्य सामान उठाकर भाग जाते हैं जिससे उन्हें रोजाना आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। लोगों के अनुसार पिछले दिनों ढाणी यादव स्थित राजकीय विद्यालय में एक विद्यार्थी पर बंदरों ने हमला कर दिया था। वहीं वार्ड नौ में गुरुद्वारे के सामने भी बंदरों ने बच्चों और बुजुर्गों पर हमला कर दिया था।
बुजुर्ग रामफल ने बताया कि दो दिन पहले बंदरों ने उनकी छत पर रखी पानी की टंकी का ढक्कन तोड़ दिया। रेलवे रोड निवासी सुनीता ने कहा कि बच्चे अब छत पर खेलने से डरते हैं क्योंकि बंदर अचानक हमला कर देते हैं। लोगों का आरोप है कि प्रशासन बंदरों को पकड़वाने के दावे करता है लेकिन बंदरों की संख्या कम होने के बजाय लगातार बढ़ रही है।
नगर पालिका प्रधान सुंदर अत्री ने बताया कि बीते दिनों एजेंसी के माध्यम से अनेक बंदरों को पकड़ा गया था। जल्द ही दोबारा अभियान चलाया जाएगा।