गांव देवराला में घर की छत पर बैठे बंदर।
कैरू। गांव देवराला में लंबे समय से उत्पात मचा रहे बंदरों ने ग्रामीणों का जीवन दूभर कर दिया है। बंदर घरों की छतों पर रखे कपड़े और अन्य सामान उठाकर ले जाते हैं या फाड़-फोड़ कर बर्बाद कर देते हैं। ये बंदर इतने हमलावर हैं कि लोगों को काटने तक दौड़ते हैं जिससे चोटिल होने का खतरा बना रहता है। बुधवार सुबह बंदरों का झुंड छह वर्षीय स्कूली बच्ची सृष्टि पर भारी पड़ गया। बच्ची आंगन में नाश्ता कर रही थी और छत पर रखी पानी की टंकी पर लकड़ी का फट्टा रखा हुआ था। इसी दौरान बंदरों के झुंड ने टंकी से फट्टा नीचे गिरा दिया जो खाने वाली बच्ची पर आ गया। गनीमत रही कि बच्ची को ज्यादा चोट नहीं लगी। शोर सुनकर पड़ोसी लाठी-डंडों से बंदरों को भगाने आए।
ऐसी घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। 15 सितंबर को तीन साल की प्रवासी बच्ची को बंदरों ने काट दिया था। इससे पहले भी प्राइमरी स्कूल के बच्चों पर हमले हो चुके हैं। हालांकि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग इन उत्पाती बंदरों को पकड़ने और जंगल में छोड़ने की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बंदरों का उत्पात दिनों-दिन बढ़ रहा है। लोग घरों की छतों पर जाने से कतराते हैं और रसोई का दरवाजा खुला रहने से सब्जियां व सामान बिखरकर नष्ट हो जाते हैं। जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।