गांव ढाणा नरसान में हड़ताल के दौरान मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते मनरेगा मजदूर व अन्य।
भिवानी। मनरेगा मजदूर संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर राष्ट्रीय हड़ताल के तहत शुक्रवार को गांव ढाणा नरसान में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व में मनरेगा मजदूरों ने प्रदर्शन किया। मजदूरों ने पुराना मनरेगा कानून बहाल करने, 200 दिन रोजगार देने और 700 रुपये प्रतिदिन दिहाड़ी तय करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान गांव के सरपंच अनुज के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा गया।
गांव के संत रविदास मंदिर में मनरेगा मजदूर एकत्रित हुए और राष्ट्रीय मनरेगा मजदूर मोर्चा के आह्वान पर हड़ताल करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए माकपा जिला कमेटी सचिव कामरेड ओमप्रकाश और सचिव मंडल सदस्य सुखदेव पालुवास ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने वर्ष 2005 में संसद द्वारा बनाए गए मनरेगा कानून को समाप्त कर वीबी-जी राम जी कानून लागू कर दिया जो ग्रामीण मजदूरों के हित में नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बजट भी कम कर दिया है।
नेताओं ने कहा कि मजदूरों की मांग है कि वीबी-जी राम जी कानून को रद्द कर पुराना मनरेगा कानून बहाल किया जाए क्योंकि पुराने कानून में 100 दिन रोजगार की गारंटी और काम नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ते का प्रावधान था। उन्होंने कहा कि नई योजना में रोजगार की कोई गारंटी नहीं है। मजदूरों और पार्टी नेताओं ने सभी गांवों में 200 दिन रोजगार उपलब्ध करवाने तथा महंगाई को देखते हुए 700 रुपये प्रतिदिन दिहाड़ी तय करने की मांग की।हड़ताल और प्रदर्शन में सुलोचना, गुड्डी, धनपति, गिंदोड़ी, सज्जनी, बनारसी, संतरा, सज्जन, मंजू, संतोष, प्रवीन सहित अनेक मनरेगा मजदूर मौजूद रहे।