भिवानी। जेठ माह में बुधवार को बारिश की झड़ी से अधिकतम पारा 3.4 डिग्री तक लुढ़क और न्यूनतम 2.6 डिग्री कम दर्ज हुआ है। अल सुबह करीब दो घंटे बारिश हुई, जिसके बाद शहर में कई जगह जलभराव के हालात बने, लेकिन तीन से चार घंटों में पानी की निकासी भी हो गई। मगर दोपहर बाद फिर से झमाझम बारिश ने एक बार फिर उन्हीं इलाकों को पानी से लबालब कर दिया।
प्री मानसून से पहले ही पानी निकासी के प्रबंधों की पोल भी खुल गई। वहीं बारिश की वजह से बिजली आपूर्ति भी बाधित रही। इस कारण शहर के कई हिस्सों में पेयजल आपूर्ति पर भी बुरा असर पड़ा। बुधवार को 15 एमएम बारिश दर्ज की गई। देवसर चुंगी डिस्पोजल की सफाई नहीं होने की वजह से पानी निकासी में पांच घंटे लगे।
जेठ माह की गर्मी में तपिश की जगह बारिश ने मौसम उलट कर दिया है। हालांकि सप्ताहभर हुई बारिश में करीब 25 से 30 एमएम बारिश अब तक दर्ज हो चुकी है। मंगलवार और बुधवार लगातार दो दिन बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज हुई। वहीं बरसाती पानी की निकासी के प्रबंधों का काम भी रुक गया। जबकि नालों और डिस्पोजल के साथ सीवरेज की पूरी तरह सफाई नहीं होने की वजह से पानी की निकासी में भी पांच घंटों का समय लगा।खाकी बाबा मंदिर क्षेत्र के खुले बरसाती नालों में सफाई के बाद फिर से मिट्टी जमा हो गई। यहां पर भी जलभराव हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश से पहले तेज हवा से पेड़ और बिजली लाइनों को नुकसान हुआ। जिस कारण बिजली आपूर्ति भी बाधित रही।
यहां बने जलभराव के हालात
शिवनगर कॉलोनी, देवसर चुंगी, खाकी बाबा मंदिर क्षेत्र, चुहड़ सिंह की बजारी, किरोड़ीमल मंदिर क्षेत्र, वैश्य स्कूल के सामने, सराय चौपटा चौक, घंटाघर पुलिस बूथ के आगे, जैन चौक, बावड़ीगेट क्षेत्र के अलावा कई जगह निचले इलाकों में जलभराव हुआ। जहां पानी की निकासी के लिए अस्थायी पंप लगाने पड़े।
जोहड़ों का पानी आबादी में घुसा, कई जगह पेड़ टूटे बिजली ठप
चांग। बुधवार को दोपहर करीब तीन बजे अंधड़ के साथ जमकर बारिश हुई। इस दौरान कई जगह पेड़ टूटे और बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई। जोहड़ों का पानी ओवरफ्लो होने से आबादी व गलियों के अंदर भी पानी जमा हो गया। जिसकी निकासी कराने में ग्रामीण जुटे रहे।
क्षेत्र के किसान देवेंद्र कालड़ा, मनोज कुमार, हरविंद्र सिंह, दिनेश प्रधान ने बताया कि बुधवार को हुई बारिश से नरमा कपास के साथ-साथ ज्वार व अन्य फसलों को विशेष तौर पर फायदा होगा। किसानों ने बताया कि यदि आने वाले समय में और अधिक बारिश होती है तो वह फसलों के लिए सोने पर सुहागा वाली कहावत होगी। बारिश से जहां फसलों में फायदा हुआ है, वहीं आम लोगों को गांव की गलियों में कीचड़ फैल जाने से परेशानियों का सामना करना पड़ा। नालियों की सफाई न होने के कारण नालियां बारिश के पानी से ओवरफ्लो हो गई और नालियों में जमा गंदा पानी सड़कों पर फैल गया। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के कर्मचारी एएलएम प्रताप सिहं ने बताया कि वे सुबह से ही बिजली की तारों को दुरूस्त करने में जुटे हैं।
बारिश से बंद हुआ बस्ती का रास्ता, बढ़ी स्थानीय लोगों की परेशानी
बवानीखेड़ा। बरसात ने ढाणी सांवरमल के लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर दी है। बारिश की वजह से बस्ती का रास्ता बंद हो गया। बस्ती वासी रामतीर्थ, पवन, बलजीत फौजी, जयप्रकाश, शंकर, राजेश ने बताया कि ढाणी सांवरमल की मुख्य गली पिछले करीब 40 वर्ष पहले निर्माण हुआ था। इसके बाद लोगों को आज भी मुख्य गली बनने का इंतजार है। दूसरे बस्ती में गंदे पानी निस्तारण व बरसाती पानी निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने प्रशासन से बस्ती की मुख्य गली व नाले का निर्माण कर उचित प्रबंध किए जाने की मांग की है।
विधायक ने किया प्रभावित इलाकों का दौरा
भिवानी। बुधवार को विधायक घनश्याम सर्राफ व नगर परिषद के चेयरपर्सन प्रतिनिधि भवानी प्रताप सिंह ने शहर में जलभराव प्रभावित इलाकों का दौरा किया। विधायक सर्राफ ने शहर के बरसाती नाले व पानी की निकासी के लिए बनी नालियों की सफाई देखी। इस दौरान कुछ जगहों पर सफाई मिली तो कई जगहों पर नाले गंदगी से अटे हुए मिले। इस पर विधायक ने अधिकारियों को फटकार लगाई। विधायक सर्राफ ने कहा कि अगर जल्द नालों की सफाई नहीं करवाई तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करवाई जाएगी। उसके बाद विधायक सर्राफ ने जनस्वास्थ्य विभाग व नगर परिषद के अधिकारियों की सफाई व्यवस्था को लेकर बैठक भी की।
दो दिन की बारिश नहीं झेल पाईं सडक़ें, गड्ढों में हुई तबदील
कैरू। दो दिन से चल रही बारिश के बाद लोहानी-देवराला मार्ग के बीच की स्थिति बदतर हो गई है। सर्वाधिक खराब हालत लेघां व टिटानी व देवराला गांव के पास है। गांव देवराला में दो दिन पहले सड़कों पर पैचवर्क किया। गांव लेघां का बस स्टैंड के पास एक बाइक सवार सुबह गड्ढे में गिर गया। उसको मेडिकल स्टोर पर प्राथमिक उपचार के बाद घर भेजा गया। सड़क का निर्माण नहीं होने से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोहानी से देवराला तक जहां सड़क पहले से गड्ढों में तबदील है। इसमें बारिश का पानी इकट्ठा हो है। राजपाल हलवाई व सुनील लेघां ने कहा कि मार्ग को बरसात से पहले ठीक करा दिया जाता तो आज यह स्थिति नहीं होती।