पाजू गांव में अध्यापकों की कमी को लेकर आयोजित मीटिंग में बोलते हुए प्रधान रमेश पाजू। संवाद
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बहल। पाजू गांव के राजकीय विद्यालय में अध्यापकों की कमी और प्रभावित होते शिक्षण कार्य को लेकर ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, अध्यापकों व ग्रामीणों के बीच मीटिंग आयोजित हुई। मीटिंग में प्रभावित होती शिक्षण कार्य को लेकर चर्चा हुई।
ग्रामीणों ने विद्यालय प्रशासन से अध्यापकों के स्वीकृत पदों और रिक्त पदों की जानकारी ली। दोनों विद्यालयों में अध्यापकों की कमी पर ग्रामीणों ने चिंता जताई और सरकार से मांग की कि विद्यालयों में रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए। प्राचार्य ने बताया कि विद्यालय में अध्यापकों की कमी है जिसकी वजह से हर विषय के सिलेबस को पूरा नहीं करवाया जा सकता है। गांव के वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में करीब 140 विद्यार्थी है और इसके लिए 12 अध्यापकों की स्वीकृति है जबकि विभिन्न विषयों के तीन अध्यापक नहीं है। इसके अलावा प्राइमरी विद्यालय में 70 विद्यार्थी हैं और 4 अध्यापकों के पदों की स्वीकृति हैं जबकि केवल एक ही अध्यापक की ही नियुक्ति है। वहीं तीन पद रिक्त हैं।
सरपंच प्रतिनिधि रमेश पाजू ने कहा कि शिक्षा मंत्री को प्रदेश के शिक्षा विभाग की हालत में सुधार करना चाहिए और रिक्त पदों को तुरंत प्रभाव से भरा जाना चाहिए। इस मौके पर सरपंच सुमन, पंच रविंद्र उर्फ लाला, उर्मिला देवी, सोमबीर सेन, विजयंता देवी, राम सिंह, संदीप कुमार, दलीप सिंह, मंजू देवी, मुकेश देवी, नीलम कुमारी, नंबरदार हवा सिंह, राजपाल, प्रताप पुनिया, मोहर सिंह साहब, धर्मपाल ढाका, उमेद सिंह, पूर्व सरपंच रमेश कुमार, बलवान सिंह उपस्थित रहे।