दिनोद गेट स्थित चेतराम प्रजापति धर्मशाला में मौजूद मिड-डे-मिल कर्मी।
भिवानी। दिनोद गेट स्थित चेतराम प्रजापति धर्मशाला में शनिवार को एआईयूटीयूसी से संबंधित मिड-डे मील कार्यकर्ता यूनियन भिवानी व दादरी का जिलास्तरीय सम्मेलन हुआ। सम्मेलन की अध्यक्षता राजबाला ने की। इस दौरान भिवानी व चरखी दादरी जिला की नई जिला कमेटी भी चुनी गई। इसमें मीरा को भिवानी जिला प्रधान व राजबाला को सचिव तथा कमलेश को दादरी जिला प्रधान व बिमला को सचिव सर्वसम्मति से नियुक्त किया गया।
सम्मेलन के दौरान भिवानी व दादरी की 21-21 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। सम्मेलन के दौरान एआईयूटीयूसी के जिला सचिव राजकुमार बासिया ने सांगठनिक रिपोर्ट रखीं। जिला सचिव राजकुमार बासिया ने कहा कि मिड-डे मील कार्यकर्ता यूनियन ने अपने संघर्ष के बलबूते मानदेय बढ़ोतरी सहित मांगों को मनवाने में सफलता हासिल की है। लेकिन सरकार मिड डे मील कर्मियों को अभी तक अपना सरकारी कर्मचारी भी नहीं मान रही। सरकार मिड-डे मील कर्मियों को नियमित कर्मचारी का दर्जा दें तथा तब तक श्रमिक का दर्जा दिया जाए। न्यूनतम वेतन लागू करें।
सम्मेलन के मुख्य वक्ता एआईयूटीयूसी के राज्य कमेटी सदस्य छाजूराम रावत ने कहा कि यह सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है, जब मंहगाई, बेरोजगारी व भ्रष्टाचार चरम पर है, तथा महिलाओं पर अपराध बढ़े हैं। सरकार मजदूरों के खून पसीने से अर्जित श्रम हितैषी कानूनों को 4 लेबर कोड के माध्यम से खत्म कर रही है तथा सार्वजनिक उपक्रमों को कोड़ियों के दाम बेचा जा रहा है। सरकार मिड डे मील कर्मियों को अपना कर्मचारी माने और न्यूनतम वेतन सहित सामाजिक सुरक्षा की बेहद वाजिब मांगों को स्वीकार करें।