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मास्क के वसूले जा रहे 25 रुपये

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प्रदेश सरकार ने भले ही मास्क और सेनिटाइजर की काला बाजारी पर रोक लगाने और काला बाजारी करने वालों को सात साल कैद तक का प्रावधान किया है। बावजूद इसके बाजार में अधिकतर दुकानों पर मास्क मिल ही नहीं रहे और जिन दुकानदारों के पास है वे दो से पांच रुपये के मास्क के बदले 25 रुपये तक वसूल रहे है। कपड़े के वासेबल (धूलने वाले) मास्क 50 रुपये तक बिक रहे है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। लोगों को समझाया जा रहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है, बस सावधानी बरतने की जरूरत है। अब विदेशों से आए लोगों की संख्या 55 से बढ़कर 58 हो गई है। तीन और लोग विदेश घूमकर आए है, जिन्हें 28 दिन के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अंडर ऑब्जर्वेशन रखते हुए अपने घरों में ही कैद किया है।
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अमर उजाला टीम ने रविवार को शहर के बाजारों में मास्क की उपलब्धता और कीमत के बारे में जांचा तो पाया कि अधिकतर दुकानों से मास्क गायब है। घंटाघर चौक पर रविवार को दो ही दुकानें खुली मिली जिनमें एक के पास ही मास्क था और वह 10 रुपये प्रति में बिक्री कर रहा था। चिड़ियाघर मोड़ के पास भी मास्क नहीं मिले। महम गेट चौक के पास एक दुकान पर मास्क थे मगर वहां मनमर्जी के दाम वसूले जा रहे थे। यहां दो तरह के मास्क दिखाए गए। एक दो से पांच रुपये में बिकने वाला जो यूज एंड थ्रो वाला था। जिसके 15 रुपये मांगे गए। दूसरा कपड़े का था जो अक्सर बाजार में 20 रुपये तक बिकता है मगर उसके भी 50 रुपये मांगे गए। रेट ज्यादा होने की बात कही तो जवाब मिला कि लेना है तो लो।
तीन और विदेश से आए, निगरानी में घरों में कैद
तीन और विदेश से भिवानी के लोग अपने घर लौटे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एयरपोर्ट से मिली लिस्ट के आधार पर इन लोगों को घरों में ही 14 दिन तक निगरानी के लिए कैद किया है। इनकी बार-बार स्वास्थ्य की जांच की जा रही है। अब तक 58 लोग विदेशों से घूमकर आए है। जिनमें से 27 की निगरानी का समय पूरा हो चुका है। बाकी अभी निगरानी में है।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोरोना वायरस के प्रति लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। सामान्य अस्पताल, ईएसआई में आईसोलेशन वार्ड तैयार किए है। अभी कोई संदिग्ध मरीज नहीं आया है और जो यात्री विदेशों से आए है, उन्हें स्वास्थ्य जांच के लिए निगरानी में रखा गया है। डॉ. जितेंद्र कादियान, सिविल सर्जन
होलसैल व रिटेल तौर पर मास्क की बिक्री और स्टॉक पर पूरी तरह से निगरानी रखी जा रही है। किसी के पास कालाबाजारी या अवैध स्टॉक का शक होने पर मेडिकल स्टोर, फार्मासिस्ट और ड्रग होल सेलर के प्रतिष्ठानों पर भी छापामारी की जाएगी। कोई भी व्यक्ति इस संबंध में विभाग को सूचना भी दे सकता है, जिस पर तत्परता से कार्रवाई की जाएगी। -अनिल कालरा, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक एवं उपभोक्ता मामले विभाग।
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