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Bhiwani News: लोहारू नगर पालिका प्रधान की कुर्सी पर टिकीं कइयों की निगाहें

Tue, 23 May 2023 10:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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लोहारू नगर पालिका।
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लोहारू नगर पालिका प्रधान की कुर्सी पर टिकीं कइयों की निगाहें
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फोटो: 28
- पार्टी सिंबल पर होगा चुनाव या नेता करेंगे अपने चहेतों को इशारा, लोग लगा रहे कयास
मेघा शर्मा
लोहारू। पांच जून को लोहारू नगर पालिका के पार्षदों का कार्यकाल पूरा होने वाला है। पहली बार लोहारू शहर के मतदाताओं को सीधे तौर से अपना मनपसंद प्रधान चुनने का मौका मिलेगा। इसको लेकर जनता के साथ-साथ प्रधान की कुर्सी का ख्वाब देखने वाले करीब 20 से अधिक भावी उम्मीदवारों में अभी से उत्साह देखने को मिल रहा है। यहीं नहीं कई उम्मीदवार ऐसे भी हैं जो अभी अपने पत्ते नही खोल रहे हैं। लोहारू के लोगों पर भी चुनावी रंग चढ़ता दिखाई दे रहा। इस देख लग रहा है कि इस बार चुनाव काफी दिलचस्प होने वाला है।
दक्षिणी हरियाणा के अंतिम छोर पर बसा लोहारू क्षेत्र भौगोलिक ही नहीं बल्कि राजनीतिक दृष्टिकोण से अलग ही पहचान रखता रहा है। लोहारू शहर की राजनीति कई बार पूरे हलके की राजनीति की दशा और दिशा तय करने में योगदान दे चुकी है। नगर पालिका चुनावों में हमेशा से ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने प्रधान की कुर्सी पर अपने चहेते पार्षद को बैठाने में कोई कसर नही छोड़ी।
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सत्ता पक्ष के प्रभाव का उदाहरण हाल के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के चुनावों में देखने को मिला था। जब सत्ता पक्ष के पार्षदों की संख्या कम होने के बावजूद भाजपा नेता जेपी दलाल ने दूसरी पार्टियों से संबंध रखने वाले कई पार्षदों को अपने पक्ष में लाने में लाकर चेयरमैन की सीट पर दौलतराम सोलंकी व वाइस चेयरमैन की सीट पर कमल सैनी को बैठाने में कामयाब हुए थे। लेकिन इस बार के चुनावों में शहर के मतदाताओं को सीधे तौर से नगर पालिका का प्रधान चुनने का मौका मिलेगा।
इससे लोगों में इस बात को लेकर चर्चा होने लगी है कि इस बार के चुनाव पार्टी सिंबल पर होंगे या फिर पक्ष व विपक्ष के नेता अपने चहेतों को जिताने के लिए खुलकर सामने आएंगे। लोगों का कहना है कि यदि सिंबल पर चुनाव नहीं होता है तो भाजपा में ही नही बल्कि कांग्रेस में भी कई बगावत के सुर देखने को मिल सकते हैं। सिंबल पर चुनाव नहीं होते हैं तो भाजपा और कांग्रेस के नेता किस उम्मीदवार की ओर इशारा करेंगे या उम्मीदवार के पक्ष में खुलकर सामने आएंगे। दोनों ही स्थिति में चुनावों का रोचक होना तय है।

प्रधान पद को सामान्य करने और बीसी-ए श्रेणी के लिए आरक्षित करने के लिए उठने लगी आवाज
आगामी पांच जून को पार्षदों को कार्यकाल पूरा होने के बाद लोहारू नगर पालिका के चेयरमैन और 13 वार्डों के चुनावों के लिए होने वाले ड्राॅ के लिए भी लोग अलग अलग आवाज बुलंद करने लगे हैं। 32 वर्षों से नगर पालिका के प्रधान का पद सामान्य वर्ग के लिए सुरक्षित नहीं हुआ है। लोगों ने प्रधान पद को सामान्य वर्ग के लिए सुरक्षित करते हुए इसे आरक्षण ड्राॅ से बाहर रखने की मांग की है। वहीं दूसरी ओर बीसी-ए श्रेणी के अनेक लोगों ने इस बार लोहारू नपा प्रधान पद बीसी-ए श्रेणी के लिए आरक्षित करने की मांग की है। सामान्य वर्ग का समर्थन करने वाले लोगों का कहना है कि सामान्य श्रेणी में सभी वर्गों के लोगों को चुनाव लड़ने का मौका मिलेगा। इसलिए इस बार प्रधान पद सामान्य के लिए सुरक्षित किया जाना उचित है।
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इस बार बन रही एक अनार सौ बीमार जैसी स्थिति
जनता को पहली बार अपनी पसंद का प्रधान चुनने का मौका मिलने वाला है। क्योंकि इससे पहले पार्षदों की पसंद का प्रधान चुना जाता था। इसके कारण प्रधान की कुर्सी को लेकर अभी से ही एक अनार सौ बीमार जैसी स्थिति दिखाई देने लगी है। संभावित उम्मीदवारों की बात करें तो शहर के लोगों के अनुसार इस बार के चुनावों में रामभगत सोलंकी, हरपाल सिंह, संजय खंडेलवाल, कमल सैनी, महेश गांधी, रामकिशन जांगिड़, वीरेंद्र सैनी, विपिन सैनी, रामप्रकाश चौहान, राजेराम सैनी, सुनील कुमार, मा. रामसिंह सैनी, सुनील कुमार, प्रदीप सैनी, आरती शर्मा आदि ऐसे नाम हैं जो इन दिनों प्रधान पद के लिए चर्चा का विषय बने हुए हैं। अनेक लोगों का यह भी मानना है कि इस बार शहर की जनता किसी शिक्षित युवा और ईमानदार उम्मीदवार को चेयरमैन के रूप देखना पसंद करेगी। ताकि नई सोच के साथ लोहारू के विकास को गति मिल सके।
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