भिवानी। दो दिन पहले ही केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल से शंकर धूपड़ की भिवानी में मुलाकात हुई थी जिसके बाद धूपड़ के वारे न्यारे हो गए।
गांव पूर में 25 मई को सर्व कल्याण मंच हरियाणा के प्रतिभा सम्मान समारोह में केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल पहुंचे थे। ये कार्यक्रम मनोहरलाल के निजी सचिव नवीन कौशिक की ओर से आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में शंकर धूपड़ की केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल से भेंट हुई थी। इस दौरान शंकर धूपड़ की तरफ से यह बात रखी गई थी कि पार्टी को पिछले करीब दस साल समर्पित किए जाने के बाद भी उन्हें कुछ नहीं मिला। इस पर मनोहरलाल ने उन्हें जल्द अच्छा ओहदा दिलाने का आश्वासन दिया था।
मनोहरलाल के दिल्ली पहुंचते ही शंकर धूपड़ के वारे न्यारे हो गए और मंगलवार देर रात को ही उनके हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड चेयरमैन की घोषणा कर दी गई। मंगलवार रात को ही बोर्ड अधिकारियों के समक्ष भी धूपड़ के नए चेयरमैन के तौर पर नियुक्ति की सुगबुगाहट भी हो चुकी थी, जबकि बुधवार सुबह तक धूपड़ के चेयरमैन नियुक्ति की स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो चुकी थी।
धूपड़ की बेटी प्रियंका धूपड़ का भी गहराया था विवाद
शंकर धूपड़ की बेटी प्रियंका धूपड़ भी जिला न्यायालय भिवानी में बतौर अधिवक्ता प्रैक्टिस कर रही हैं। अगस्त 2022 में भिवानी बार एसोसिएशन द्वारा उन्हें एक आर्थिक अपराध से जुड़े मामले की वजह से डिबार किए जाने का मामला भी सुर्खियों में रहा था। वहीं, महिला मोर्चा नियुक्ति के मामले में भी साल 2021 में उनके पिता शंकर धूपड़ पर अपनी बेटी को बीजेपी प्रदेश महिला मोर्चा की सदस्य का पद दिलाने के लिए भाई-भतीजावाद के आरोप लगे थे, जिसके बाद स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं ने विरोध भी दर्ज कराया था।