मनीषा के पिता संजय को कुडलवास में पुलिस ने रोका
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भिवानी जिले के गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी मनीषा के पिता संजय बेटी की मौत को न्याय दिलाने के लिए सोमवार को लघु सचिवालय के बाहर आमरण अनशन के लिए रवाना हुए थे, लेकिन उनका काफिला गांव कुडलवास के पास ही पुलिस ने रोक दिया।
पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद मनीषा के पिता कुडलवास में ही ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठ गए हैं तो वहीं, भिवानी में मनीषा के दादा रामकिशन को सूचना मिलते ही उन्होंने भिवानी में धरना शुरू कर दिया है।
इससे पहले सुबह पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद मनीषा के पिता ने चेतावनी भी दी थी कि अगर पुलिस ने उन्हें भिवानी नहीं जाने दिया तो वो दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे पर ही धरने पर बैठ जाएंगे। यहां जाम लगने की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।
संजय ने जिला प्रशासन को 29 जून को लघु सचिवालय के बाहर आमरण अनशन पर बैठने का अल्टीमेटम दिया था। इसी को लेकर भारी संख्या में पुलिसबल को कुडलवास में तैनात किया है। जैसे ही संजय वहां पहुंचा तो उन्हें आगे जाने से पुलिस ने रोक दिया। फिलहाल कुडलवास में पुलिस और बड़ी संख्या में ग्रामीणों का जमावड़ा लगा है।
स्थिति तनाव पूर्ण ना बने इसके लिए पुलिस ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को भी सूचित कर दिया है। फिलहाल मनीषा के पिता संजय को आगे जाने नहीं दिया जा रहा है, जबकि संजय की जिद है कि वह हर हाल में आमरण अनशन पर बैठेंगे।