भिवानी। लोहारू उपमंडल के गांव सिंघानी में शिक्षिका मनीषा की मौत मामले में पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट से कई अहम खुलासे हुए हैं। रोहतक रेंज के आईजी वाई पूर्ण कुमार मंगलवार दोपहर भिवानी रेस्ट हाउस पहुंचे और मीडिया से बातचीत में पूरी जांच का ब्योरा साझा किया। उन्होंने कहा कि यह दुखद घटना है और पुलिस ने मामले की जांच पूरी तरह वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीके से की है।
19 वर्षीय मनीषा 11 अगस्त को घर से लापता हुई थी। 13 अगस्त को सिंघानी नहर के पास एक महिला का शव बरामद हुआ, जिसे परिजनों ने मनीषा के रूप में पहचाना। शव की पहचान पुख्ता करने के लिए डीएनए सैंपल लिया गया है। आईजी ने बताया कि घटनास्थल से एकत्र किए गए सैंपल एफएसएल भेजे गए थे। रिपोर्ट में पाया गया कि शव पर कहीं भी एसिड के निशान नहीं हैं। भिवानी नागरिक अस्पताल में हुई पीएमआर में चिकित्सकों ने गले के आगे और दोनों तरफ फटे घाव पाए, जिनमें जानवरों द्वारा काटने व कुतरने जैसे निशान थे। पीजीआईएमएस रोहतक में हुई दोबारा पीएमआर जांच में भी यही निष्कर्ष निकला कि ये चोटें मृत्यु के बाद की हैं क्योंकि आसपास के नरम ऊतकों में खून का कोई रिसाव नहीं था।
एफएसएल रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि शव पर वीर्य (सीमन) के कोई निशान नहीं मिले जिससे स्पष्ट हुआ कि बलात्कार नहीं हुआ। पुलिस को शव के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला था। इस नोट की लिखावट को परिजनों ने मनीषा की लिखावट बताया। एफएसएल जांच में भी यह पूरी तरह मेल खाई।
जांच में यह भी सामने आया कि मनीषा ने एक दुकान से कीटनाशक खरीदा था। दुकान के सीसीटीवी फुटेज और रजिस्टर एंट्री से इसकी पुष्टि हुई। एफएसएल रिपोर्ट में उसके शरीर में कीटनाशक के अंश पाए गए हैं जिससे यह साफ हो गया कि मनीषा ने जहर खाकर जान दी। आईजी वाई पूर्ण कुमार ने कहा कि यह बेहद संवेदनशील मामला है। उन्होंने जनता से अपील की कि हालात को समझें और जिम्मेदारी से व्यवहार करें।