मनीषा मौत मामले में रविवार को गांव ढाणी लक्ष्मण के मेन बस स्टैंड के पास बीसी चौपाल के आगे एक दिन का सांकेतिक धरना दिया गया। इस दौरान पंचायत में पहुंचने वाले लोगों ने एक दिन का उपवास रखा। पंचायत की अध्यक्षता पूर्व सरपंच अणतराम शर्मा ने की। मनीषा के पिता संजय ने बताया कि दिल्ली एम्स ने रोहतक पीजीआई में हुए मनीषा के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को खारिज कर दिया है।
सीबीआई उनसे अब तक पांच से छह बार पूछताछ कर चुकी है। वे समाज व ग्रामीणों से बातचीत करके आगे का फैसला लेंगे। संजय ने कहा कि सीबीआई की जांच धीरे चल रही है। उनकी सरकार से मांग है कि जांच में तेजी लाई जाए। वे सीबीआई द्वारा की जा रही जांच से संतुष्ट है। किसान नेता सुरेश कोथ ने कहा कि देर से मिला न्याय भी अन्याय के बराबर होता है। हमने सरकार से मांग की है कि जांच कहां तक पहुंची, इस बात को परिजनों को बताया जाए। उन्होंने कहा कि जब मनीषा के पिता को सीबीआई ने हत्या का मामला दर्ज करने की बात कही है तो उसको सार्वजनिक करने में क्या हर्ज है।
सुरेश ने कहा कि सरकार सीबीआई से बात करे अगर जल्दी मामले का खुलासा नहीं करती है तो दो तीन दिन में हम ग्रामीणों से बातचीत करके आगे की रणनीति तय करेंगे। जितेन्द्र पटोदी ने कहा कि जांच जो चल रही है। इसमें अधिकारी निक्षेप जांच करें। आत्मा सो परमात्मा हर व्यक्ति को उम्मीद है न्याय होगा। सोशल मीडिया पर झूठी अफवाह न फैलाएं। सुरेन्द्र जवारा सोनीपत ने कहा कि गरीब बेटी के न्याय के लिए पूरे गांव में घरों के आगे छोटी प्लेट लगाकर मनीषा को न्याय दिलाने की बात लिखकर अपने घरों के आगे लगाए। उन्होंने पंचायत से बेटी के नाम से गांव का नाम रखने की अपील की। धरने पर किसान नेता सुरेश कोथ, पुष्पा मलिक जूई, सरपंच जयसिंह पूर्व सरपंच शम्भू, मोनू तालू मौजूद थे।