भिवानी। घर में घुसकर नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ करने, परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट करने तथा जान से मारने की धमकी देने के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट भिवानी की न्यायाधीश सुरुचि अटरेजा सिंह ने दोषी युवक को पांच साल कैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर कुल 41,000 रुपये जुर्माना भी लगाया है।
भिवानी निवासी एक महिला ने सिवानी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी कि वह किसी कार्य से घर के बाहर गई हुई थी। इसी दौरान 30 मई 2025 की शाम आरोपी युवक उनके घर में घुस गया और उसकी नाबालिग बेटी के साथ छेड़छाड़ की। लड़की द्वारा शोर मचाने पर महिला मौके पर पहुंची जिसके बाद आरोपी वहां से भाग गया।
महिला ने घटना की जानकारी अपने पति को दी। इसके बाद आरोपी ने शिकायतकर्ता के पति और अन्य परिजनों के साथ मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी दी। शिकायत के आधार पर सिवानी पुलिस थाना में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर मोरका सिवानी निवासी धमन को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
मामले के ट्रायल के दौरान पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने धमन को दोषी करार दिया। अदालत ने पॉक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत तीन वर्ष कैद और 20 हजार रुपये जुर्माना, धारा 115 भारतीय न्याय संहिता के तहत एक वर्ष कैद और एक हजार रुपये जुर्माना, धारा 333 भारतीय न्याय संहिता के तहत पांच वर्ष कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 351(3) भारतीय न्याय संहिता के तहत पांच वर्ष कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पुलिस अधीक्षक भिवानी सुमित कुमार ने जिले के सभी थाना प्रबंधकों को निर्देश दिए हैं कि महिला विरुद्ध अपराधों में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और न्यायालय में मजबूत पैरवी सुनिश्चित की जाए ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके तथा दोषियों को सख्त सजा दिलाई जा सके।