भिवानी। लंपी वायरस और स्वाइन फीवर लगातार गंभीर होता जा रहा है। वीरवार को लगातार चौथे दिन 100 से अधिक लंपी आशंकित पशु सामने आए। वीरवार को 140 लंपी आशंकित पशु मिले। इसके बाद आशंकितों का आंकड़ा 1295 तक पहुंच गया है। इतना ही नहीं आशंकित पशु लगातार दम भी तोड़ रहे है। वीरवार को भी छह आशंकित पशु दम तोड़ गए। अब तक 25 लंपी आशंकित पशु दम तोड़ चुके हैं। लंपी से पशुओं को बचाने के लिए पशुपालन विभाग ने तीन दिन बाद वीरवार से वैक्सीनेशन अभियान भी छेड़ा और एक ही दिन में करीब 13 हजार पशुओं को वैक्सीन लगाई। अब तक जिले में 36,003 पशुओं को वैक्सीन लगाई जा चुकी हैं।
पिछले करीब पांच दिन से लंपी वायरस गंभीर होता जा रहा है। पहले जहां कोई आशंकित पशु नहीं वहां अब पिछले चार दिन से हर रोज 100 से अधिक संक्रमित पशु सामने आ रहे है। वीरवार को 140 आशंकित पशु मिले। इनमें ज्यादातर राजस्थान के साथ लगते सिवानी से है। तोशाम से भी खासी संख्या में आशंकित पशु सामने आ रहे है। जिससे पशुपालन विभाग के साथ-साथ पशुपालकों में भी हड़कंप मचा है।
स्वाइन फीवर लील रहा सूअरों की जिंदगी, 16 सैंपल भेजे लैब
जिले में लंपी के साथ स्वाइन फीवर भी गंभीर होता जा रहा है। वीरवार को भी शहर क्षेत्र में ही तीन सूअरों की मौत हो गई। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में भी सूअर मर रहे हैं। खासकर चांग क्षेत्र से। अब तक जिले में करीब 100 सूअर व उनके बच्चे फीवर से दम तोड़ चुके हैं। हरकत में आए पशुपालन विभाग ने लगातार दूसरे दिन शहर व गांवों में जांच अभियान चलाया। एसडीओ डॉ. प्रदीप के नेतृत्व में टीमों ने शहरी क्षेत्र में अभियान चलाया। इस दौरान एक आशंकित, एक मृत सूअर के अलावा 14 अन्य सूअरों के सैंपल लेकर जांच के लिए भोपाल लैब भेजे हैं।
--------------
हमारे पास वैक्सीन आ चुकी हैं और जिले में वीरवार को करीब 13 हजार पशुओं को वैक्सीन लगाई गई हैं। अब तक 36 हजार से अधिक पशुओं को वैक्सीन लगाई जा चुकी हैं। लंपी आशंकित 140 नए पशु सामने आए हैं। जिन्हें अलग रखकर इलाज किया जा रहा है। आज छह पशुओं की मौत भी हुई हैं। स्वाइन फीवर के 16 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। हमारा प्रयास है कि इलाज के अभाव में किसी पशु की मौत न हो। पशुपालक सावधानी रखें और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
- डॉ. प्रदीप कुमार, एसडीओ, पशुपालन विभाग।