टिड्डी दल की सूचना पर खेतों में निरीक्षण करते कृषि अधिकारी डॉ. चंद्रभान श्योराण।
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बहल। दो दिन लोहारू क्षेत्र के गांवों में टिड्डी दल के आने के बाद रविवार को बहल क्षेत्र के गांवों में भी टिड्डी दल का प्रवेश हो गया। क्षेत्र के गांव सुरपुरा कलां, मंढ़ोली कलां, मंढ़ोली खुर्द और गोकलपुरा गांवों में 50 से 500 टिड्डियां देखी गईं। कृषि अधिकारियों के अनुसार यह टिड्डी दल नहीं है, बल्कि कुछ टिड्डियां पहुंची हैं, जो दल से भटककर यहां तक पहुंच गई हैं।
रविवार को दिन में करीब 12 बजे बहल क्षेत्र के गांव सुरपुरा कलां में सबसे पहले टिड्डी दल देखा गया। किसान सूबेसिंह के खेत में जब टिड्डियों के झुंड को देखा गया तो किसान सर्तक हो गए। किसानों ने पीपे, ड्रम और अन्य साधनों से आवाज कर टिड्डियों को भगाने का प्रयास किया। इसके अलावा किसानों ने इन टिड्डियों पर दवाई का स्प्रे किया, जिससे टिड्डी खत्म हो गईं। वहीं कुछ टिड्डियों को चिड़ियों ने चट कर दिया।
वहीं सुरपुरा कलां के अलावा क्षेत्र के गांव गोकलपुरा, मंढ़ोली कलां और मंढ़ोली खुर्द में भी टिड्डियां देखी गईं। इन गांवों में टिड्डियों की संख्या काफी कम थी। जो कुछ देर बाद ही हवा के रुख से आगे निकल गईं। कृषि अधिकारी डॉ. चंद्रभान श्योराण ने खुद क्षेत्र के गांवों का दौरा किया और सभी संबंधित एडीओ को मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि राजस्थान से आए टिड्डी दल ने कुछ दिन पहले लोहारू क्षेत्र में प्रवेश किया था। लोहारू क्षेत्र के गांव दमकौरा, बरालू, झांझड़ा श्योराण, हसनपुरा, ढाणी अहमदपुर सहित अन्य गांवों में टिड्डी दल देखा गया था। लेकिन, किसानों की सजगता व कृषि विभाग की तत्परता से टिड्डी दल को आगे नहीं बढने दिया।
रविवार को बहल क्षेत्र के गांवों में टिड्डियां मिलने की सूचना मिली थी। संबंधित एडीओएज को मौके पर भेजा गया है और किसानों को सतर्क कर उनको जरूरी एहतियात बरतने को कहा गया है। कृषि विभाग पूरी मुस्तैदी से टिड्डी हमले से निपटने के लिए काम कर रहा है।
- डॉ. चंद्रभान श्योराण, कृषि अधिकारी, लोहारू