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बहल में पांच दिन रहेगा पूर्ण लॉकडाउन

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कस्बे में कोरोना महामारी से मौत के लगातार बढ़ रहे आंकड़ों पर रोक लगाने के लिए बहल में शनिवार से पांच दिन का पूर्ण लॉकडाउन रहेगा। इस दौरान बैंक, मेडिकल व डेयरी की दुकानों के अलावा सभी प्रतिष्ठान पूर्ण रूप से बंद रहेंगे। बाजार में किसी दुकान या प्रतिष्ठान के खोले जाने पर पूर्ण पाबंदी रहेगी। लोगों की मांग पर प्रशासन व पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को पुराना बाजार चौक पर इसकी घोषणा की।
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लॉकडाउन की पूर्ण पालना करने के लिए कस्बे के सभी मुख्य मार्गों पर अवरोध लगाकर आवाजाही बंद कर दी गई है। कस्बे के लोगों ने प्रशासन से बातचीत के बाद इस संबंध में मुनादी कर लोगों को सूचित कर दिया है। सुबह करीब नौ बजे पुराना बाजार (नजदीक श्याम भवन) में कस्बे के मौजिज लोग एकत्रित हुए। लोगों ने गांव में कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव व उससे हो रही मौतों को लेकर कस्बे में पूर्ण लॉकडाउन पर विचार किया। लोगों ने कहा कि अब महामारी से बचाव के लिए सिर्फ एक ही रास्ता बचा है कि कस्बे में संपूर्ण लॉकडाउन किया जाए। लोगों ने सहमति के बाद नायब तहसीलदार सुरेश कौशिक व थाना प्रभारी सुंदरपाल को इस बाबत सूचना दी व मौके पर आने के लिए कहा। कस्बे के निवर्तमान सरपंच गजानंद अग्रवाल, पूर्व चेयरमैन सुशील केडिया, पूर्व चेयरमैन प्रतिनिधि साधूराम पनिहार, बहल युवा एकता संगठन प्रधान योगेश शर्मा, समाजसेवी ओमप्रकाश शर्मा वैद्य, सुशील शर्मा डिशवाला के अलावा बड़ी संख्या में लोगों ने मौजूद लोगों ने इस बात का समर्थन किया कि कस्बे के मौजूदा हालात को देखकर सिर्फ लॉकडाउन ही एकमात्र विकल्प है। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने अपने उच्चाधिकारियों को मामले की सूचना दी व कहा कि जनभावना के अनुसार वे कस्बे में पांच दिन के संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा करते हैं। पुलिस थाना प्रभारी ने लॉकडाउन के दौरान लोग अपने अपने घरों में रहे और किसी विशेष परिस्थितियों में ही घर से बाहर न निकलें।
दस दिन में हो चुकी है आधा दर्जन से ज्यादा मौत : पिछले दस दिनों की बात करें तो कस्बे में जहां एक 40 वर्षीय युवक की मौत हुई है वहीं आधा दर्जन से ज्यादा लोग अकाल काल का ग्रास बन गए हैं। हालांकि, इनमें सभी के कोरोना से मौत होने की पुष्टि नहीं है। इसके अलावा अन्य लोग हिसार, भिवानी सहित अन्य अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं। इसमें खासकर मंदिर चौक से लेकर सोसाइटी बैंक, मस्जिद के अलावा पुराना बाजार वाला एरिया सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। लोगों में उस वक्त सब्र का बांध टूट गया जब शुक्रवार को बहल के युवा का भिवानी के अस्पताल में उपचार के दौरान कोरोना से मौत हो गई थी। इससे पहले एक सप्ताह के दौरान एक ही परिवार के एक महिला सहित तीन लोगों की मौत हो चुकी है।
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अंदरूनी मार्गों को किया सील, बाहरी गांवों से आने जाने पर रहेगी पाबंदी : पांच दिन के लॉकडाउन की पालना के लिए पुलिस, प्रशासन, युवा संगठन, पंचायत सदस्यों व अन्य लोगों के बीच विचार विमर्श हुआ। आपसी सहमति के बाद यह फैसला हुआ कि जहां कस्बे के अंदरूनी मुख्य मार्गों को पूरी तरह से सील किया जाए वहीं कस्बे से बाहर निकलने वाले सभी मार्गों को बंद कर आवाजाही पूर्ण रूप से बंद किया जाए। इस दौरान किसी नागरिक को विशेष कार्य के अलावा आने जाने या घूमने की इजाजत नहीं होगी। वहीं, बैंक, मेडिकल सहित अन्य जरूरी सेवाएं को छोड़कर बाजार पूरी तरह से बंद रहेंगे। दूध की डेयरी सुबह के समय केवल एक घंटे के लिए खोली जा सकेगी।
कस्बे में बढ़ रहे संक्रमण को लेकर लोगों ने कस्बे में संपूर्ण लॉकडाउन के लिए आग्रह किया है। लोगों की मांग व जरूरत के हिसाब से पुलिस, प्रशासन उनके पूर्ण सहयोग के लिए तैयार है। किसी भी विशेष परिस्थिति में लोगों के आने जाने पर पाबंदी नहीं रहेगी। कोरोना की चेन तोड़ने के लिए लोगों को अपने-अपने घरों में रहने के लिए कहा गया है। - सुरेश कौशिक, नायब तहसीलदार, बहल।
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