बवानीखेड़ा (भिवानी)। शहीद गुलाब सिंह पार्क में रविवार को पशुपालकों, दूध विक्रेताओं और डेयरी संचालकों की बैठक हुई। बैठक में बढ़ती महंगाई के बीच दूध के मौजूदा भाव पर चिंता जताते हुए दूध का भाव 75 से 100 रुपये प्रति लीटर और घी का भाव 1500 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित करने की मांग उठाई गई।
बैठक में पशुपालकों ने कहा कि पशुओं के चारे, दवाइयों, देखभाल और श्रम पर लगातार खर्च बढ़ रहा है। इसके बावजूद दूध के भाव लंबे समय से लगभग वहीं बने हुए हैं। पशुपालकों ने कहा कि घरेलू उपयोग की कई आवश्यक वस्तुओं के दाम भी लगातार बढ़े हैं। ऐसे में पशुपालन किसानों और ग्रामीण परिवारों के लिए आय का महत्वपूर्ण साधन होने के बावजूद डेयरी का काम चलाना मुश्किल होता जा रहा है। बैठक में मंदीप उर्फ कालू भाकर, मोंटी, राहुल सांगवान, विकास सांगवान, सुनील, अजीत, मदन, बलवान, कालिया सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
पशु आहार की कीमतों में हुई बढ़ोतरी
पशुपालकों ने बताया कि पशुओं के लिए इस्तेमाल होने वाली खल की कीमत करीब 1200 रुपये से बढ़कर 2700 रुपये हो गई है। बिनौला 1500 रुपये से बढ़कर करीब 3000 रुपये, चूरी 1500 रुपये से बढ़कर 3000 रुपये तथा चना 4000 रुपये से बढ़कर करीब 6500 रुपये तक पहुंच चुका है। बैठक में कहा गया कि महंगाई ने पशुपालकों की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ा दिया है। यदि दूध के उचित भाव नहीं मिले तो पशुपालन व्यवसाय प्रभावित हो सकता है। मौजूद लोगों ने किसान, पशुपालक, दूध विक्रेता और डेयरी संचालकों से एकजुट होकर सहयोग करने की अपील की।