भिवानी। फायर सेफ्टी के नियम ताक पर रखने से मुश्किल में जान आ गई है। हादसों के बावजूद भी संस्थान कोई सबक नहीं ले रहे हैं, ऐसे में अब अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग ने भी जिले में दो माह के अंदर 300 से अधिक नोटिस जारी किए हैं। जिन्हें जल्द से जल्द मानक पूरे किए जाने के निर्देश दिए हैं। वहीं भिवानी शहर में 69 संस्थानों की पहचान हो चुकी है, जिनके पास फायर सेफ्टी एनओसी तक नहीं है।
हाल ही में अग्रसेन चौक के समीप एक निजी अस्पताल के प्रथम तल पर बने ऑपरेशन थियेटर के अंदर आग लगी थी। मरीजों और स्टाफ ने बाहर भागकर जान बचाई थी। यहां न तो आपातकालीन निकासी के कोई रास्ते थे न आग पर काबू पाने के कोई पर्याप्त प्रबंध। ऐसे में कोई भी बड़ी अनहोनी हो सकती है। शहर के अंदर मॉल, निजी अस्पताल, कोचिंग सेंटर और अन्य संस्थानों के पास आग से सुरक्षा के कोई प्रबंध नहीं हैं।
अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग की ओर से फायर सेफ्टी के मानक पूरे नहीं किए जाने वाले संस्थानों, निजी अस्पतालों, कोचिंग सेंटरों व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें स्पष्ट किया गया है कि फायर इमरजेंसी सर्विसेज एक्ट 2022 के नियम 30, 30 और 47 के तहत आग से सुरक्षा के सभी मानक पूरे किए जाए। ऐसा नहीं करने वाले संस्थानों पर फिर कानूनी कार्रवाई का भी प्रावधान है।
दरअसल, शहर के कई ऐसे संकरे और भीड़ भरे इलाके में बहुमंजिला इमारतों के अंदर कोचिंग सेंटर चल रहे हैं, जबकि निजी अस्पतालों का भी यही हाल है। कई बहुमंजिला इमारतों में व्यवसायिक गतिविधि भी चल रही हैं और माॅल भी बने हैं, मगर इनमें आग से सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध तक नहीं हैं। थोड़ी सी आग बुझाने के लिए भी दमकल की गाड़ी ही दौड़ लगा रही है। जबकि किसी भी तरह से लगी आग पर काबू पाने के लिए इन संस्थानों में ही उचित प्रबंध जरूरी हैं।
सीबीएलयू और सरकारी अस्पताल को भी दिया नोटिस
अग्निशमन एवं आपात कालीन सेवाएं विभाग की ओर से चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय और नागरिक अस्पताल प्रशासन को भी नोटिस दिया गया है। नागरिक अस्पताल में फायर सेफ्टी सिस्टम अभी लगाया जा रहा है। वहीं सीबीएलयू के पुराने परिसर में आग से सुरक्षा के कोई प्रबंध नहीं हैं, जबकि यहां बच्चों की कक्षाएं लगाई जा रही हैं। हालांकि ये भवन सीबीएलयू किराये पर लेकर चला रहा है। जबकि उसके नए भवन में फायर सेफ्टी के मानकों पर काम हो रहा है।
सरकारी और गैर सरकारी सभी संस्थानों में फायर सेफ्टी के मानकों का पूरा किया जाना अनिवार्य है। जिन संस्थानों के पास फायर सेफ्टी मानक पूरे नहीं हैं, उन्हें विभाग की ओर से नोटिस दिया गया है। अगर वे मानक पूरे कर लेते हैं तो उन्हें विभाग की ओर से एनओसी जारी कर दी जाएगी अन्यथा आगामी कार्रवाई कराई जाएगी।
-याशिन खान जिला दमकल अधिकारी भिवानी।
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शहर में नामी कपड़ा उद्योग के साथ फैक्टरियों में नहीं फायर सेफ्टी प्रबंध
शहर के नामी कपड़ा उद्योगों के अलावा औद्योगिक सेक्टर में चल रही किसी भी फैक्टरी के अंदर फायर सेफ्टी सुरक्षा प्रबंध नहीं हैं। न ही विभाग से कोई एनओसी ली गई है। भिवानी के औद्योगिक सेक्टर में पहले भी आगजनी के कई ऐसे मामले हो चुके हैं, जिसमें भारी नुकसान हुआ है। बावजूद फायर सेफ्टी प्रबंधों के प्रति उदासीनता यहां काम करने वाले करीब चार हजार मजदूरों पर भी भारी पड़ सकती है। औद्योगिक सेक्टरों के अंदर करीब साढ़े तीन सौ से अधिक औद्योगिक इकाइयां चल रही हैं। जबकि शहर में नामी कपड़ा उद्योगों में भी फायर सेफ्टी के अलावा कोई एनओसी नहीं है। शहर के वैक्वेट हाल, मैरिज पैलेस भी फायर सेफ्टी प्रबंधों में पिछड़े हैं।