गांव मुंढाल के खेतों में छाई प्रदूषण की धुंध।
भिवानी। पड़ोसी राज्यों व सूबे के कई जिलों मेंं पराली जलाने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, ऐसे में हवा में भी प्रदूषण का जहर खुल रहा है। सोमवार सुबह ग्रामीण इलाकों में धुंध छाई रही। ये धुंध प्रदूषण की वजह से मानी जा रही है, क्योंकि इसमें आंखों में हल्की जलन हो रही है। वहीं श्वास लेने में भी दिक्कत आ रही है।
ऐसे वातावरण में एलर्जी और श्वास रोगियों की भी मुश्किलें बढ़ गई हैं। जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में भी रोजाना ढाई सौ से तीन सौ इस तरह के मरीज आ रहे हैं, लेकिन नागरिक अस्पताल में त्वचा रोग विशेषज्ञ नहीं है। ऐसे में ये मरीज प्राइवेट चिकित्सकों के पास पहुंच रहे हैं, जबकि श्वास रोगियों का भी ऐसे मौसम में दम उखड़ने लगा है। हालांकि दिवाली के आसपास और अधिक प्रदूषण बढ़ेगा। जबकि ग्रेप वन के आदेश लागू हो चुके हैं।
जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं। इस समय जिले का एक्यूआई 285 तक पहुंच गया है जबकि पिछले सप्ताह तक एक्यूआई 176 तक ही आंका जा रहा था। अचानक ही एक्यूआई में भी इजाफा होने से हवा में प्रदूषण का स्तर ज्यादा बढ़ गया है।
चिकित्सकों का भी कहना है कि हवा में जब प्रदूषण बढ़ता है तो इसका असर त्वचा और नाजुक अंगों जैसे आंखों पर भी होता है। ऐसे में लोगों को इससे बचाव रखना जरूरी है वहीं किसी भी तरह की शारीरिक दिक्कत होने पर चिकित्सक से भी परामर्श लें। सोमवार सुबह खेतों में भी धुंध छाई रही।
बता दें कि इस समय कई जिलों व पड़ोसी प्रांत में अंधाधुंध पराली जलाने के मामले सामने आ रहे हैं। इसी से प्रदूषण की आग भी सुलग रही है, जिसका धुआं भी भिवानी जिले के लोगों की बेचैनी बढ़ा रहा है।
दिवाली के आसपास हवा में अचानक प्रदूषण का स्तर बढ़ने से पुराने मर्ज के रोगियों की दिक्कतें बढ़ जाती हैं, इसमें ज्यादातर श्वास रोगी होते हैं। मरीजों को अपना नियमित इलाज जारी रखना चाहिए वहीं प्रदूषण से बचने के लिए मुंह पर मास्क पहनें और आंखों में जलन महसूस होने पर उन्हें स्वच्छ पानी से धोएं।
-डॉ. यतीन गुप्ता, फिजिशियन, जिला नागरिक अस्पताल, भिवानी।