सरल केंद्र पर कोई भी काम इन दिनों सरल नहीं है। पांच दिन से सर्वर डाउन होने से आवेदक परेशान हैं। 10 मिनट के कार्य में 35 मिनट लग रहे हैं। जिससे घंटों इंतजार के बाद भी लोगों के सर्टिफिकेट नहीं बन रहे। मंगलवार को बिजली भी परेशानी बनी और कर्मचारियों को मोबाइल टॉर्च की रोशन में कार्य निपटाते देखा गया। सर्वर डाउन होने का फायदा प्राइवेट कंप्यूटर दुकानदार खूब कमा रहे है। सरकारी फीस 30 रुपये निर्धारित होने के बावजूद 200-200 रुपये वसूल रहे हैं।
सरल पोर्टल का पिछले पांच दिन से सर्वर डाउन होना युवाओं के लिए परेशानी बन गया है। कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में प्रवेश प्रक्रिया चरम पर है। जिसके लिए विद्यार्थियों विभिन्न तरह के सर्टिफिकेट डोमिसाइल, इनकम सर्टिफिकेट व अन्य सर्टिफिकेट की जरूरत पड़ती है। सर्व डाउन होने से लोगों के सर्टिफिकेट नहीं बन पा रहे हैं और वे इस अव्यवस्था के लिए अधिकारियों को कोस रहे हैं। मंगलवार को बिजली भी समस्या बनी और बार-बार कट लगने से कार्य बाधित होता रहा। कर्मचारियों को मोबाइल की रोशनी में कार्य करते देखा गया।
फार्म ऑनलाइन अपलोड करने के दौरान ही टूटता रहा सर्वर
सरल केंद्र में बने हैं आठ काउंटर, लाइट जाने पर इनवर्टर बैकअप भी दे जाता है जवाब
सरल केंद्र में आठ काउंटर बने हुए हैं, जिनमें आठ कर्मचारी एक ही समय में उपभोक्ताओं के आवेदनों को आनलाइन करने की प्रक्रिया को जारी रख सकते हैं, मगर केंद्र की लाइट जाने के बाद लगातार आठ कंप्यूटरों को ज्यादा समय तक चला पाना संभव नहीं होता, क्योंकि इनवर्टर बैकअप भी थोड़ी देर बाद ही जवाब दे जाता है। पूरी तरह से वातानुकूलित केेंद्र में लाइट जाते ही उमस भरा माहौल बन रहा है।
सरल केंद्र में टोकन सिस्टम से सरकार द्वारा जारी की गई सुविधाओं के आवेदन ऑनलाइन किए जाते हैं। रोजाना 350 से 500 तक टोकन जारी होते हैं। आखिरी टोकन तक का काम किया जाता है। सर्वर डाउन होने से परेशानी है। इसके बावजूद कर्मचारी अतिरिक्त समय तक कार्य कर आवेदन निपटा सर्टिफिकेट बनाने के प्रयास में जुटे हैं।
-आशीष, सुपरवापइजर सरल केंद्र भिवानी।