भिवानी। कृषि एवं कल्याण विभाग की ओर से पंचायत भवन में वीरवार को यूरिया व डीएपी आदि उर्वरकों के वितरकों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक कृषि उप निदेशक डॉ. विनोद कुमार फोगाट की अध्यक्षता में हुई। उन्हाेंने कहा कि यदि कोई खाद, बीज एवं दवाई विक्रेता किसानों को जबरदस्ती टैगिंग करता हुआ पाया गया तो उसका लाइसेंस का रद्द किया जाएगा।
कृषि उप निदेशक डॉ. फोगाट ने विक्रेताओं को निर्देश दिए कि वे खाद, बीज एवं दवाइयों की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखेंगे तथा उच्च गुणवत्ता वाली खाद, बीज एवं दवाइयां ही किसानों को बिक्री करेंगें। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ धोखाधड़ी नहीं होनी चाहिए। यदि किसी भी खाद, बीज एवं दवाई विक्रेता ने किसानों के साथ धोखाधड़ी की तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक विक्रेता का कर्तव्य है कि पहले से सत्यापित स्टॉक रजिस्टर में प्रतिदिन दवाइयों, खाद , बीज के क्रय-विक्रय का हिसाब किताब पूर्ण रखेंगें तथा किसानों को खाद, बीज एवं दवाइयों का बिल देना अनिवार्य है। बिल पर किसान का नाम, पिता का नाम तथा पता मोबाइल नंबर सहित अंकित करते हुए बिल में जो भी उत्पाद बिक्री किया है। उसका पूर्ण विवरण जैसे कि उत्पाद का नाम, बैच नंबर, लॉट नंबर, मैन्युफैक्चरिंग तिथि, एक्सपायरी की तिथि, कंपनी का नाम इत्यादि अंकित करना अनिवार्य है।
उन्होंने सख्त आदेश दिए कि कोई भी खाद, बीज एवं दवाई विक्रेता किसानों को खाद, बीज एवं दवाई के साथ किसी भी अन्य सामग्री की टैगिंग नहीं करेगा। यदि कोई खाद, बीज एवं दवाई विक्रेता किसानों को जबरदस्ती टैगिंग करता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ उसके लाइसेंस का रद्द करते हुए कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक डीलर अपने दुकान में खाद, बीज एवं दवाई के लाइसेंस की फोटो प्रति चस्पा करके रखेंगें। बैठक में कृषि विभाग के अन्य अधिकारियों गुण नियंत्रण निरीक्षक डॉ. सुरेंद्र कुमार, एसडीओ डॉ. सत्यवीर शर्मा मौजूद रहे।