कोरोना के संदिग्ध दिल्ली में आने के बाद हरियाणा में भी रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। जिला स्वास्थ्य विभाग ने संदिग्ध मरीजों के लिए सामान्य अस्पताल में 36 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाने के अलावा ईएसआई अस्पताल में भी 20 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। इसके अलावा लॉजिस्टिक सेंटर भवन को पॉजिटिव मरीजों को रखने के लिए तैयार किया गया है। शहर के अलावा विभिन्न सीएचसी, पीएचसी पर जागरूकता के लिए होर्डिंग-बैनर लगाए गए है। स्वास्थ्य विभाग में सभी चिकित्सकों और स्टाफ सदस्यों को मास्क पहनने के लिए निर्देश जारी किए गए है। मगर अस्पताल में आने वाले मरीजों की भीड़ के बचाव के लिए कोई इंतजाम नहीं है।
अब तक दिल्ली एयरपोर्ट से भी 33 पैसेंजर की लिरुट भिवानी स्वास्थ्य विभाग के पास आई है, जो विदेशों में घूमकर आए है। इनमें 27 की पहचान कर उन्हें 28 दिन तक अंडर ऑब्जर्वेशन रखा गया। अब 28 दिन पूरे हो चुके हैं। अब छह अन्य छह लोगों को अंडर ऑब्जर्वेशन रखा गया है। इनकी हर रोज हेल्थ रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर के छह मुख्य स्थानों के अलावा सात सीएचसी, तीन सब डिवीजन सेंटरों के अलावा किशनलाल जालान अस्पताल में बैनर लगाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
दिल्ली से आया स्वाइन फ्लू पॉजिटिव : कोरोना वायरस के डर के बीच एक स्वाइन फ्लू पॉजिटिव मरीज सामने आया है। यह एक 20-22 साल का युवा है, जो दिल्ली में पढ़ाई करता है। वहां उसकी तबीयत खराब हुई। जिसके बाद वह अपने घर भिवानी वापस आ गया। यहां उसकी जांच करवाई गई तो स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। इसके बाद मरीज को आइसोलेशन वार्ड में रखकर इलाज दिया गया। अब वह पूरी तरह फिट हो है।
चिकित्सकों को लग रहा वायरस का डर : कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों और कर्मचारियों को भी डर सता रहा है। जिसके कारण विभाग ने उनकी सुरक्षा के लिए मास्क की व्यवस्था की है। मगर अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों के लिए किसी प्रकार के मास्क की कोई व्यवस्था नहीं की गई। जिसके कारण मरीजों की कोई सुरक्षा नहीं है। स्वास्थ्य विभाग ने अधिकारी, चिकित्सकों और कर्मचारियों को सावधानी बरतने की हिदायतें दी है। स्वास्थ्य विभाग ने उनके लिए मास्क भी उपलब्ध करवाए है। मरीजों और उनके साथ आने वालों के बचाव के लिए अभी कोई इंतजाम नहीं है। अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब 1300 मरीज उपचार के लिए आते हैं। उनके साथ उनके परिजन भी अस्पताल में पहुंचते हैं।
कोरोना वायरस के प्रति स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है और 36 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। चिकित्सकों की एक विशेष टीम बनाई गई है। साथ ही लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। इससे बचाव ही बेहतर इलाज है। इसके लिए बार-बार हाथ धोना जरूरी है और लोगों से हाथ मिलाने की बजाए हाथ जोड़कर नमस्ते करना चाहिए।
- डॉ. जितेंद्र कादियान, सिविल सर्जन