भिवानी। कांग्रेस विधायक एवं पूर्व सीएलपी किरण चौधरी ने आरटीआई के द्वारा मिली जानकारी के अनुसार कोरोना पर 345 करोड़ के खर्च पर सवाल उठाते हुए इसमें बड़ा घोटाला होने की आशंका जताई है। किरण ने कहा कि प्रदेश सरकार ने 345 करोड़ रुपये खर्च होने की बात कही है, जो प्रति मरीज 26355 रुपये होता है।
उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के बाद ठीक हुए मरीजों से बात करने पर पता चला कि उन्हें 100-200 रुपये की दवा देकर आइसोलेशन में रखा गया था। इसके साथ 4500 रुपये कोरोना टेस्ट को जोड़ दिया जाए तो 5000 रुपये भी खर्च नहीं होता तो फिर 26355 रुपये किस आधार पर एक मरीज के ऊपर खर्च कर दिया गया। कोरोना के नाम पर खर्च पर आशंका का कारण यह भी है कि कोरोना से संक्रमित हुए ज्यादातर मरीजों को उनके घर पर ही आइसोलेट किया गया है। किरण चौधरी ने सरकार से मांग की है कि इसकी जांच करवाई जाए ताकि सच्चाई लोगों के सामने आए और कोरोना के नाम पर घोटाला करने वाले बेनकाब किए जाएं। उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार घोटालों की पर्याय बन चुकी है। शराब घोटाला, धान घोटाला, रजिस्ट्री घोटाला करने वाली सरकार के नाम कोरोना घोटाला और जुड़ने जा रहा है।
कृषि विधेयक के विरोध में किरण ने कहा कि किसान हमारे अन्नदाता हैं और भाजपा सरकार किसानों को पूंजीपतियों के हाथों बेचने के लिए काला कानून लेकर आई है। सरकार किसानों की आवाज सुनने की बजाए पूंजीपतियों के आगे किसानों को झुकाने के लिए किसानों पर लाठीचार्ज कर रही है।