तोशाम। गांव संडवा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लिंगानुपात जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रघुबीर शांडिल्य ने कहा कि सरकार ने राज्य में अवैध एमटीपी (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी) किट की बिक्री और इस्तेमाल पर कड़ा रुख अपनाया है।
उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में थोक और खुदरा विक्रेताओं के माध्यम से एमटीपी किट की बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश दिए जा चुके हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएमओ डॉ. रघुबीर शांडिल्य ने कहा कि एमटीपी कीट की बिक्री पर रोक लगाए जाना लिंगानुपात सुधार को लेकर बड़ा कदम है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक युग में लड़कियां व लड़कों से किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। विडंबना है कि कुछ लोगों ने आधुनिक स्वास्थ्य तकनीकों का लाभ उठाकर कुछ लोगों ने बेटियों को गर्भ में ही मरवाना शुरू कर दिया है। गर्भ में भ्रूण हत्या करवाना पाप नहीं महापाप है। इस जघन्य अपराध के कारण लिंगानुपात में गिरावट होती जा रही है, जो पूरे समाज के लिए एक चिंतन का विषय है। लोगों को चाहिए कि वे रूढ़िवादी विचारों को छोड़कर लड़का और लड़की के भेदभाव को मिटाए तथा एक सुंदर, स्वस्थ एवं सशक्त समाज का निर्माण करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए आगे आएं। सीएमओ ने आशा वर्कर को विभाग का स्तंभ बताते हुए आह्वान किया कि आशा वर्कर ठान लेंगी तो अवश्य ही सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. अनिता कात्याल ने कहा कि भ्रूण हत्या ऐसी सामाजिक बुराई है, जो समाज को दिन-प्रतिदिन दीमक की तरह चाट रही है, इसे जड़ से खत्म करने के लिए संयुक्त प्रयास करने की जरूरत है। इस मौके पर डॉ. नंदिनी लांबा, डॉ. अनिता कात्याल, डॉ. विकास कटारिया, डॉ. रोहित मौजूद रहे।