भिवानी। राजस्थान के भरतपुर जिले के गांव घाटमीका के जुनैद और नासिर हत्याकांड में भिवानी के मोनू राणा और गोगी को राजस्थान पुलिस ने पकड़ लिया है। दोनों ही राजस्थान पुलिस के दस-दस हजार के इनामी उद्घोषित आरोपी थे। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने हत्याकांड की वारदात को कबूला है। पिटाई की वजह से जुनैद की मौत फिरोजपुर झिरका में ही हो चुकी थी, जबकि नासिर को आरोपी गाड़ी तक भिवानी जिले के कस्बा लोहारू क्षेत्र के गांव बारवास की बणी में लेकर पहुंचे। जहां उनकी बोलेरो गाड़ी में पेट्रोल छिड़ककर जलाने से पहले नासिर का गला दबाकर हत्या की गई थी। मोनू राणा और गोगी दोनों ही इस हत्याकांड में शुरुआत से आखिरी तक शामिल रहे।
भिवानी पुलिस ने मोनू राणा पर दो आपराधिक केस दर्ज होने की पुष्टि की है। जिसमें एक केस 12 दिसंबर 2013 में सिविल लाइन पुलिस थाना में लड़ाई-झगड़ा व जान से मारने की धाराओं के तहत दर्ज हुआ था, जबकि दूसरा केस सदर पुलिस थाना भिवानी में एक अक्तूबर 2014 को लड़ाई-झगड़ा का दर्ज हुआ था। इसके अलावा गोगी से भी लड़ाई झगड़े के मामले जुडे़ हैं। फिलहाल उसके खिलाफ किसी थाने में केस दर्ज की पुष्टि नहीं हुई है। मोनू राणा और गोगी दोनों ही भिवानी में गोरक्षा दल की टीम के साथ काफी अर्से से जुड़े थे, मगर वारदात से छह माह पहले ही वे यहां की टीम से दूरी बनाकर मानेसर और गुरुग्राम क्षेत्र में सक्रिय थे। दोनों ही गोरक्षक की भूमिका में आक्रामक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं।
भरतपुर जिले के घाटमीका गांव निवासी नासिर और जुनैद के अपहरण की शिकायत 15 फरवरी को गोपालगढ़ पुलिस थाना में परिजनों ने दी थी। जिसके बाद 16 फरवरी की सुबह लोहारू के गांव बारवास की बणी में जली हुई बोलेरो गाड़ी के अंदर पुलिस को दो कंकाल बरामद हुए थे। गाड़ी के चेसिस नंबर से ही दोनों शवों की पहचान नासिर और जुनैद के रूप में हुई थी। जिसके बाद दोनों के अपहरण, मारपीट और शवों को जलाने में हत्याकांड का खुलासा हुआ और आठ नामजदों की भूमिका भी उजागर हुई थी। इसी में दो मुख्य आरोपी मोनू राणा और गोगी भिवानी जिले से हैं। जिन्हें अब राजस्थान की भरतपुर पुलिस 10 दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ में जुटी है।
हत्याकांड का सीन रिक्रिएट करने के लिए राजस्थान पुलिस ला सकती है भिवानी
राजस्थान पुलिस हत्याकांड में शामिल दोनों मुख्य आरोपियों को सीन रिक्रिएट करने के लिए गांव बारवास की बणी में लाकर वारदात स्थल का फिर से मुआयना कर सकती है। हालांकि अभी तक लोहारू पुलिस के पास इसकी कोई जानकारी नहीं है। मगर हत्या से जुड़े कई अनसुलझे सवालों को सुलझाने के लिए पुलिस ऐसा कर सकती है। क्योंकि नासिर की हत्या यहां लाने के बाद ही की गई थी। हालांकि हत्याकांड में अभी तक किसी हथियार के इस्तेमाल की बात सामने नहीं आई है। क्योंकि दोनों की पिटाई-लाठी और लोहे के सरियों से की गई थी।
वारदात के बाद से ही नहीं हुआ परिजनों व रिश्तेदारों से कोई संपर्क
वारदात के बाद से ही मोनू राणा और गोगी का भिवानी में अपने परिजनों व रिश्तेदारों से कोई संपर्क नहीं हुआ। हालांकि दो माह तक वे लगातार अपना ठिकाना बदलते रहे और पांच राज्यों में उनकी सक्रियता इस दौरान बनी रही। जिनमें दिल्ली एनसीआर, यूपी, बिहार, झारखंड, उड़ीसा तक राजस्थान की पुलिस आरोपियों की तलाश में पहुंची। दोनों को उत्तराखंड के देहरादून के सुनसान पहाड़ी इलाके से काबू किया। इस दौरान इन दोनों ने किन-किन लोगों के यहां शरण ली और किन-किन से मदद मांगी उसकी भूमिका को भी राजस्थान पुलिस खंगालने में जुटी है।
13 फरवरी की रात को भी की थी रेकी
नूंह क्षेत्र में मोनू राणा और गोगी ने अन्य साथियों के साथ मिलकर गो तस्करी की गाड़ी पकड़ने के लिए 13 फरवरी की रात को भी रेकी की थी और नाकाबंदी भी की थी। लेकिन कामयाबी नहीं मिली। इसके बाद फिरोजपुर झिरका के पास 14 फरवरी की रात को फिर से गो तस्करी के शक में नासिर और जुनैद को पकड़ा था। जिनकी लाठी-डंडों और सरिया से बेरहमी से पिटाई की गई थी। जिससे जुनैद दम तोड़ चुका था और नासिर की सांसें चल रही थीं। इस दौरान उन्होंने पुलिस के हवाले किए जाने की भी कोशिश की, मगर इसके बाद दोनों को लोहारू क्षेत्र की बणी में लाकर उन्हीं की बोलेरो गाड़ी में जलाकर शवों को खुर्द बुर्द करने की कोशिश की गई।
राजस्थान पुलिस ने पहले पांच फिर दस हजार रखा था इनाम
राजस्थान पुलिस ने हत्याकांड में सभी आठ आरोपियों पर पहले पांच-पांच हजार इनाम रखा था, लेकिन बाद में दस-दस हजार रुपये के इनामी आरोपी घोषित किए गए। राजस्थान की पांच स्पेशल टीमें देश के विभिन्न हिस्सों में आरोपियों की तलाश में जुटी थीं। अब पुलिस दोनों से पूछताछ में कई अनसुलझे सवालों का जवाब जानकर अन्य आरोपियों को पकड़ने की हर संभव कोशिश में लगी है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बोले
भिवानी पुलिस ने नासिर और जुनैद हत्याकांड में राजस्थान पुलिस को पूरा सहयोग किया है। इन दोनों के यहां पर भी राजस्थान पुलिस ने दबिश दी थी। अब दोनों पकड़े जा चुके हैं। भिवानी में मोनू राणा पर दो आपराधिक केस दर्ज हैं।
-लोगेश कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भिवानी।