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जान के दुश्मन बने लावारिस पशु

Mon, 15 Feb 2016 01:03 AM IST
भिवानी ब्यूरो ।
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भिवानी। लावारिस पशुओं का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। 48 घंटे के भीतर सब्जी मंडी में रविवार सुबह एक व्यक्ति को एक सांड़ ने सींगों से उठाकर पटक दिया। भरी मंडी में इस सन्न कर देने वाली घटना के बाद अफरा-तफरी मच गई। खैर गंभीर चोट तो नहीं आई, लेकिन सवाल यह है कि आखिर कब तक लोग इस तरह चोटिल होते रहेंगे और दिन-ब-दिन गंभीर होती इस समस्या के प्रति शासन-प्रशासन कितने दिन अपनी जिम्मेदारी के प्रति लापरवाह बना रहेगा। शहर में लावारिस पशु लोगों की जान के दुश्मन बने हैं। लोग हर रोज लावारिस पशुओं का शिकार हो रहे है, मगर प्रशासन इस गंभीर समस्या के प्रति बेपरवाह नजर आ रहा है। नंदीशाला की फाइल कागजों में अटकी है तो गोअभ्यारण्य केंद्रों के लिए गांवों में जगह नहीं मिल रही। प्रशासन ने व्यवस्था नहीं होने की बात कहकर इस गंभीर समस्या के प्रति आंखें मूंद ली है। शहर में घूम रहे करीब साढ़े तीन हजार लावारिस पशु शहर वासियों के लिए परेशानी बने है। सांड़ों की टक्कर में घायल होने, सांड़ों द्वारा तोड़फोड़ करने के मामले हर दूसरे-तीसरे दिन सामने आ रहे है। इसके बावजूद प्रशासन इस समस्या के प्रति बिल्कुल भी गंभीर नजर नहीं आ रहा। यही कारण है कि शहर के दादरी रोड पर नंदीशाला बनाने का प्रोजेक्ट पिछले करीब डेढ़ साल से लटका है। शहर में तीन, जिले में सात मौतलावारिस पशु शहर वासियों के लिए जानलेवा साबित हो रहे है। 31 दिसंबर को प्राइवेट स्कूल संचालक अत्तर सिंह को दादरी गेट सांड़ ने टक्कर मारी। जिससे उनकी मौत हो गई। शहर में ही अब तक सांड़ों की टक्कर से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। जिलेभर में करीब सात लोगों की लावारिस पशुओं की टक्कर से मौत हो चुकी है।प्रमुख घटनाएं :* 31 दिसंबर को सांड़ की टक्कर से प्राइवेट स्कूल संचालक की मौत* पिछले वर्ष पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में सांड़ की टक्कर से एक व्यक्ति की मौत* पिछले वर्ष ही ग्वार फैक्ट्री के पीछे लावारिस पशुओं की टक्कर से एक की मौत* पिछले महीने कृष्णा कॉलोनी में दो सांड़ों की लड़ाई में तीन दुकानों का हजारों का सामान टूटा, एक स्कूटी टूटी* करीब तीन माह पूर्व कृष्णा कॉलोनी में फेरी लगाकर बर्तन बेचने वाले को टक्कर मारी। तीन लोग घायल हुए।* बीते वर्ष किरोमल मंदिर के सामने गली में एक बुजुर्ग शिक्षक को टक्कर मारकर घायल किया।फुस्स साबित हुए सारे अभियानपिछले छह महीने में प्रशासन ने लावारिस पशुओं की समस्या के समाधान के लिए छह से ज्यादा अभियान चलाए मगर कर्मचारियों की लापरवाही व व्यवस्थाओं की कमी के कारण सभी अभियान फेल साबित हुए। कुछ समय पहले सीएम ऑफिस की ओर से इस समस्या के समाधान के निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन दो दिन चलने के बाद फिर यह अभियान फुस्स हो गया।
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* जनस्वास्थ्य मंत्री घनश्याम सर्राफ ने लावारिस पशुओं को गोशालाओं में छोड़ने का अभियान चलाया। सात-आठ भेजे भी गए मगर गोशाला संचालकों ने लावारिस पशु रखने से इंकार कर दिया। अभियान दो दिन में ही बंद।* जिला प्रशासन ने मत्सय पालन विभाग की जमीन पर तारबंदी करवा लावारिस पशु छोड़ने का प्लान बनाया। दो-तीन दिन लावारिस पशु पकड़कर वहां भेजे भी गए मगर चारे की व्यवस्था नहीं होने के चलते अभियान बंद हो गया और लावारिस पशु फिर से सड़कों पर घूम रहे है।* लावारिस पशुओं की रोकथाम और मुख्य सड़क पर रोक के लिए पशु चारा विक्रेताओं पर लगाम लगाई गई। सड़क किनारे की दुकानों को सील भी किया गया। सड़क किनारे लावारिस पशुओं को चारा नहीं डालने की गुहार पर सील खोली गई। मगर अब फिर से पहले जैसा हाल है।* महम रोड स्थित गौशाला का ही विस्तार कर लावारिस पशुओं को यहां रखने का प्लान बना, मगर गोशाला संचालकों के रुचि नहीं लेने के कारण मामला दब गया।
इन क्षेत्रों में है अधिक समस्या* सब्जी मंड़ी, विकास नगर, कृष्णा कॉलोनी, चिड़ियाघर रोड, पुराना बस स्टैंड, दादरी गेट, वैश्य स्कूल के पास, हांसी रोड,  एमसी कॉलोनी, पतराम गेट, हालुवास गेट, किरोड़ीमल मंदिर क्षेत्र, दिनोद गेट पर खासी संख्या में खड़े रहने वाले लावारिस पशु शहर वासियों के लिए परेशानी बने है।
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--वर्जन:::दादरी रोड पर नंदीशाला बनाने का प्रपोजल तैयार कर भेजा हुआ है। मंजूरी मिलने के बाद ही इसका निर्माण होगा। गौशाला संचालक लावारिस पशुओं को रख नहीं रहे। संजय यादव, सचिव, नगर परिषद
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