फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bhiwani News: दो साल से रेलवे ओवरब्रिज निर्माण में आड़े आ रहे अवैध दो मंजिला मकान को जेसीबी ने तोड़ा

Fri, 20 Oct 2023 11:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
विज्ञापन
विज्ञापन
भिवानी।
विज्ञापन

कृष्णा कॉलोनी छोर से श्याम बाग तक जीतुवाला रेलवे फाटक पर शहर के सबसे छोटे 600 मीटर लंबे रेलवे ओवरब्रिज निर्माण में पिछले दो साल से रुका हुआ था। इसके निर्माण में रुकावट बने अवैध दो मंजिला मकान को तोड़ने के लिए शुक्रवार को जेसीबी के साथ बीएंडआर विभाग का अमला भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचा।
बीएंडआर विभाग अधिकारियों ने अवैध निर्माण पर पहले ही उसे तोड़े जाने का नोटिस चस्पा दिया था, जिसके बाद इस मकान को भी सरकारी जगह पर काबिज कब्जाधारियों ने खाली कर दिया। इसके बाद मकान को जेसीबी के सहारे तोड़ दिया गया। पिछले दो साल से रेलवे ओवरब्रिज का काम अवैध मकान की वजह से अटका था, क्योंकि ये मकान सात से आठ फुट आगे सड़क की जगह पर बना था, जिसे तोड़ने के बाद ही यहां आगे पुल की फाउंडेशन तैयार होगी। मामला न्यायालय में लंबित चल रहा था, इस वजह से भी रेलवे ओवरब्रिज निर्माण में देरी हुई। वहीं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने भी पानी और सीवरेज की लाइनों को शिफ्ट नहीं किया था।
विज्ञापन

जीतुवाला रेलवे फाटक श्याम बाग तक 14 करोड़ की लागत से करीब 600 मीटर लंबा रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। जो कृष्णा कॉलोनी छोर पर 280 मीटर लंबा और जीतुवाला फाटक श्याम बाग छोर पर 320 मीटर लंबाई तक बनाया जाएगा। 2015 में सीएम ने जीतुवाला फाटक पर रेल अंडर पास की घोषणा की थी, मगर यह संभव नहीं हुआ। 2018 में जीतुवाला अंडरपास महापंचायत सदस्यों ने लंबा आंदोलन किया। इसके बाद जनवरी 2021 में रेलवे ओवरब्रिज तैयार कराया गया। इस पुल का काम दो साल में पूरा किया जाना था, मगर अवैध कब्जे नहीं हटने की वजह से ये काम ठप हो गया। वहीं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने भी पेयजल और सीवरेज लाइनें नहीं बदलीं। इसके बाद एजेंसी का कार्य भी एक्सटेंड करना पड़ा। अब न्यायालय से अवैध निर्माण किए गए मकान पर स्टे हटा दिया है और इसे तोड़ने की अनुमति मिल गई। इसके बाद पीडब्ल्यूडी विभाग का अमला शुक्रवार को जेसीबी के साथ भारी पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंचा। अवैध मकान को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।


जीतुवाला फाटक पार 50 हजार आबादी के साथ आठ गांवों का है मुख्य रास्ता
जीतुवाला रेल अंडरपास महापंचायत के प्रवक्ता रोहताश वर्मा ने बताया कि जीतुवाला रेलवे फाटक पर करीब दर्जन भर कॉलोनियों की करीब 50 हजार की आबादी और आठ गांवों के लोगों का मुख्य रास्ता है। जनवरी 2021 से ही यहां पुल निर्माण शुरू होने से रास्ता बंद है। कॉलोनी के लोग भी करीब ढाई से तीन किमी दूर से चक्कर लगाकर यहां आते हैं। जीतुवाला रेल अंडर पास महापंचायत ने पुल निर्माण के लिए लंब संघर्ष यहां की आबादी का हक दिलाने के लिए किया है। जिसके नतीजे अभी आने बाकी है। हमारी मांग है कि अब अवैध कब्जे हटने के बाद जल्द से जल्द एजेंसी पुल निर्माण का काम पूरा करे ताकि यहां हो दिक्कतें दूर हो जाएं।


पुल के साथ मिलेगा सर्विस रोड
जीतुवाला रेलवे फाटक पर रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण के साथ ही सर्विस रोड भी तैयार किया जाएगा। जिस पर दुपहिया और छोटे वाहन गुजर सकेंगे। अधिकांश अवैध कब्जों को तो पहले ही हटवा दिया गया है। मगर अब जिन अवैध मकानों पर न्यायालय से स्टे ऑर्डर मिला था अब उन्हें भी हटा दिया गया है। इसके बाद पुल निर्माण में भी अधिकारियों ने तेजी लाने के एजेंसी को निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन


कृष्णा कॉलोनी छोर से श्याम बाग तक जीतुवाला रेलवे फाटक पर रेलवे पुल का काम दो साल से अवैध मकान निर्माण की वजह से आगे नहीं बढ़ रहा था। जिस पर न्यायालय ने स्टे ऑर्डर दिया था, मगर अब ये मामला न्यायालय से खारिज हो चुका है। इसके बाद अवैध निर्माण करने वालों को नोटिस देकर इसे तोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा भी पानी और सीवरेज की लाइनें शिफ्ट की जानी हैं, जो अवैध मकान के नीचे से होकर जानी है। जिनका काम अब शुरू कराया जाएगा।
- लोकेश कुमार, कार्यकारी अभियंता पीडब्ल्यूडी विभाग, भिवानी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें