फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जनसंवाद: सरकार बढ़ाएं अपने संसाधन ताकि मिल सके कर्मचारियों को पुरानी पेंशन

विज्ञापन
विज्ञापन
भिवानी।
विज्ञापन

सरकार अपने संसाधन बढ़ाए ताकि सेवारत कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति उपरांत पुरानी पेंशन बहाली का लाभ मिल सके। केंद्र और राज्य सरकारें खजाने पर आर्थिक बोझ का हवाला देकर पुरानी पेंशन को बहाल नहीं कर रही है, जबकि सरकारों को अपने संसाधन और बढ़ाने की तरफ ध्यान देना चाहिए। उनसे होने वाली आमदनी से कर्मचारियों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाया जा सके।
यह कहना है कि विभिन्न कर्मचारी और जनसंगठनों के प्रतिनिधियों का। शुक्रवार को महम रोड स्थित सर्व कर्मचारी संघ कार्यालय में जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जनसंवाद में मौजूद सेवानिवृत्त अधिकारियों व कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली पर अपनी अपनी राय दी। इस मौके पर रिटायर्ड बैंक अधिकारी कामरेड ओमप्रकाश ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें लगातार सरकार विभागों को निजी हाथों में सौंप रही हैं, जबकि पुरानी पेंशन बहाली के लिए सरकारों को खुद के संसाधनों का ज्यादा से ज्यादा विस्तार करना होगा। पुरानी पेंशन को लेकर कई राज्यों ने अच्छी पहल की है। इसमें केंद्र और हरियाणा सरकार को भी आगे आना चाहिए।
विज्ञापन

पूर्व जिला खेल अधिकारी सुंदर सिंह ने कहा कि सेना में अग्निवीर लगाकर न केवल पुरानी पेंशन को खत्म किया गया है, बल्कि सेना जैसी अहम सेवाओं का भी एक तरह से निजीकरण हुआ है। इस तरह कर्मचारियों का शोषण बढ़ेगा। जबकि सरकार को पुरानी पेंशन से कर्मचारी का भविष्य सुरक्षित करना चाहिए। जनसंवाद में मौजूद कई अन्य प्रबुद्ध लोगों ने पुरानी पेंशन बहाली को लेकर अपनी-अपनी राय दी।
विज्ञापन


कर्मचारी और जन संगठन वर्ष 2003 से कर रहे संघर्ष
जनसंवाद में मौजूद दिलबाग सिंह ग्रेवाल, पवन सिंगला, रामफल देशवाल, नरेंद्र धनाना, दिलबाग सिंह ढुल, महावीर फौजी ने कहा कि पुरानी पेंशन को वर्ष 2003 में बंद कर दिया था। तभी से लेकर कर्मचारी और जन संगठन इसे दोबारा बहाल किए जाने की मांग को लेकर संघर्ष करते आ रहे हैं। सरकारें अपनी दलीलें दे रही हैं, जबकि कर्मचारी अपने सामने खड़े संकट का आभास कर इसे फिर से चालू कराने पर डटे हैं। हमारी मांग इसलिए भी है कि इससे न केवल कर्मचारी सुरक्षित रहता है बल्कि सरकारी व्यवस्था में कर्मचारी अपने कर्तव्य का ईमानदारी से भी निर्वहन करता है। उसे पता होता है कि सेवानिवृत्ति के बाद भी उसे किसी के आगे हाथ नहीं फैलाने पड़ेंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें