सर्दी का मौसम शुरू होते ही शहर में चोरों की सक्रियता भी बढ़ गई हैं, मगर ई रिक्शा सवार चोर तो खास तौर पर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के सीवरेज ढक्कनों को ही निशाना बना रहे हैं। वार्ड 24 और 27 से अब मुख्य सीवर लाइनों पर से पांच लोहे के ढक्कन चोरी हो चुके हैं। इसकी सूचना विभाग के कनिष्ठ अभियंता को दी तो उसने भी इस संबंध में पुलिस को शिकायत दी है।
वार्ड के पार्षद का आरोप है कि सीसीटीवी कैमरे में रात के समय एक ई रिक्शा संदिग्ध तौर पर इलाके में घूमती देखी गई है। इसमें सवार तीन संदिग्ध चोर सीवरेज ढक्कन चोरी कर रहे हैं। इतना ही नहीं रात के समय चोरी हो चुके सीवरेज ढक्कन के बाद खुले मैनहोल भी हादसों का सबब बने हैं। काफी गहरे से सीवरेज मैनहोल खुले में पड़े हैं। इसमें कुछ जगहों पर तो सीमेंट के ढक्कनों की व्यवस्था कराई है जबकि कई सीवर मैनहोल तो इलाके के लोगों ने पत्थरों से ही ढक दिए हैं ताकि कोई हादसा न हो।
शहर के वार्ड नंबर 27 के पार्षद गोविंदराम उर्फ बिल्लू बादशाह व वार्ड 24 से महिला पार्षद प्रतिनिधि अंकित ने बताया कि उनके दोनों ही वार्डों से चंद दिनों के अंदर पांच लोहे के सीवर के ढक्कन चोरी हो गए हैं। रात के समय इलाके में लाल रंग की एक ई रिक्शा दो बजे से चार बजे के बीच घूमती दिखाई दे रही है। जिसके अंदर तीन लोग सवार हैं। ये ई रिक्शा उन इलाकों में घूमती देखी गई है जहां से लोहे के सीवरेज ढक्कन चोरी हो गए हैं। इस संबंध में विभाग के जेई को भी शिकायत दी।
जेई ने सीवरेज ढक्कन चोरी के बारे में उच्चाधिकारियों व पुलिस में शिकायत दी है। बावजूद सीवरेज ढक्कन चोरी होने का सिलसिला नहीं थम रहा है। वार्ड में गहरी सीवर लाइन में छोटे बच्चों के गिरने का खतरा बना है तो वहीं रात के अंधेरे में कोई भी व्यक्ति इनके अंदर गिरकर अपनी जान गंवा सकता है। ऐसे में स्थानीय लोगों ने ही इन्हें पत्थरों से ढक दिया है। उन्होंने सीवरेज ढक्कन चोरी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के साथ नए ढक्कनों की व्यवस्था कराए जाने की भी गुहार लगाई है।
दो वार्डों के इन हिस्सों से चोरी हो गए लोहे के ढक्कन
शहर के वार्ड 24 और 27 के दायरे में आने वाले फूला देवी स्कूल के पास से सीवर ढक्कन चोरी हो गया। इसी तरह माना पाना चौक से भी लोहे का सीवर ढक्कन रात को गायब हो गया। चारजो की गली जैन चौक से भी लोहे का ढक्कन चोरी हुआ है। इसी तरह चंदू भरतीयान गली से भी एक लोहे का सीवरेज ढक्कन चोरी किया गया है। इसी प्रकार मोडान गली से भी सीवर से लोहे का ढक्कन चोरी किया गया।
शहरभर से गायब कर डाले चोरों ने लोहे के सीवर ढक्कन
लोहे के सीवर ढक्कन लगभग अब पूरे शहर से ही गायब हो गए हैं। पुराने शहर में करीब पांच दशक पहले लगाए गए लोहे के ढक्कनों को अधिकांश चोर अपना निशाना बना चुके हैं। अब कुछ चुनिंदा जगहों पर ये ढक्कन बचे हैं तो इन्हें चोरी किया जा रहा है। लोहे के ढक्कन करीब 80 किलोग्राम तक के वजनी हैं, जिन्हें चोरी किए जाने के बाद इनकी अच्छी कीमत चोर वसूल रहे हैं। शहरभर से अंदाजन अब तक करीब 500 लोहे के सीवरेज ढक्कन कई सालों के दौरान चोरी हो चुके हैं। फिलहाल विभाग सीमेंट के ढक्कन लगा रहा है। इसमें भी दो से तीन श्रेणी हैं। दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे पर भी निर्माण कार्य के दौरान लोहे के सीवर ढक्कन चोरी हो गए थे। जिनकी जगह सीमेट के ढक्कन लगाए वे चंद दिन बाद ही भारी वाहनों के दबाव से टूट गए। सीमेंट के ढक्कन भी कामयाब नहीं है। कई दशकों से टिकाऊ ये लोहे के ढक्कन कीमती लोहे की वजह से चोरी हो रहे हैं।
वार्ड वासियों ने गली के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में सीवर ढक्कन चोरी करने वाली लाल रंग की ई-रिक्शा की जानकारी दी है। इस फुटेज में रात के समय ये रिक्शा काफी बार इन इलाकों में देखी गई है जहां से ये ढक्कन चोरी हुए हैं। हमने विभाग के जेई पंकज को भी इस संबंध में शिकायत दी है। विभाग से तीन जगहों पर तो दूसरे ढक्कन लगा दिए हैं, मगर दो जगहों पर अब भी सीवरमैनहोल खुले पड़े हैं, जिनसे हादसा होने की आशंका बनी है।
-अंकित पार्षद प्रतिनिधि वार्ड 24
वार्ड के पार्षद प्रतिनिधि ने जैसे ही सीवरेज ढक्कन चोरी की सूचना दी। वहां दूसरे सीमेंट के ढक्कनों की व्यवस्था कराई गई है। रात के समय जिन हिस्सों से ढक्कन चोरी हुए हैं, इस बारे में उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया है। जिस संबंध में पुलिस में भी सूचना दी है।
-पंकज कनिष्ठ, अभियंता शहरी सीवरेज शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग भिवानी।